बहराइच। तराई में मंगलवार की सुबह शुरू हुई बरसात लोगों के लिए आफत बन गई। तेज बारिश होने से कच्चे मकान और पेड़ गिर गए। पेड़ गिरने से कई स्थानों पर बिजली के तार व पोल टूट गए, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। फखरपुर में मंदिर का रास्ता धंस गया।
पुजारी बाल-बाल बच गए। बरसात के कारण शहरी इलाके में सड़कों और गलियाें में जलभराव हो गया। कई घरों में पानी घुस गया। सरकारी दफ्तरों में भी पानी भर गया। पयागपुर में मड़हे के नीचे मां के साथ सो रहे दो मासूम दीवार ढहने से दब गए, जिसमें एक बच्चे की मौत हो गई। उधर, फखरपुर क्षेत्र में ढही दीवार के नीचे दबने से एक युवक की जान चली गई।
तराई में कई दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही थी। गर्मी के कारण लोग बेहाल थे। सोमवार की रात से ही मौसम में बदलाव आ गया था। देखते ही देखते रात में बारिश शुरू हो गई। सुबह करीब चार बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जो करीब चार घंटे जारी रही। बारिश के दौरान पयागपुर क्षेत्र के फरदा त्रिकोलिया गांव में मीना देवी अपने मायके आई थी।
उसके साथ बेटा शिवा (5) व सूरज (1) भी गए थे। मंगलवार को हो रही तेज बारिश में तीनों मड़हे के नीचे सो रहे थे। तभी दीवार ढह गई, जिससे दबकर तीनों घायल गए। अस्पताल ले जाते समय शिवा की मौत हो गई, जबकि दोनों घायलों का इलाज चल रहा है।
उधर, फखरपुर थाना क्षेत्र के भिलौरा बासू निवासी सुरेश (30) बरसात में मिट्टी की दीवार ठीक कर रहे थे। इसी बीच भरभराकर दीवार गिरने से दबकर उनकी भी मौत हो गई। वहीं, विकास खंड तेजवापुर के ग्राम बिजौवापुर निवासी जलील, सोनू, कमरुद्दीन के मकान गिर गए। कई घरों में पानी भर गया। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि मंगलवार को 118.04 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई है।
विद्युत उपकेंद्र व सीएचसी में भरा पानी
तेज बरसात के कारण विद्युत उपकेंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पानी भर गया। फखरपुर विद्युत उपकेंद्र में पानी भरने के कारण बिजली की आपूर्ति ठप कर दी गई। उधर, कैसरगंज सीएचसी में भी जलभराव हो गया।
कई स्थानों पर गिरे पेड़, ठप रहा आवागमन
मंगलवार को हुई तेज बरसात के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। सीएचसी चित्तौरा के सामने लगा एक पेड़ गिर गया। वहीं नानपारा हाईवे पर भी एक पेड़ गंगापुर नहर के पास गिर गया। इससे काफी देर तक रास्ता बंद रहा। करीब एक घंटे बाद आवागमन बहाल हो सका।
रास्ता कटा, विद्युत पोल गिरा
फखरपुर क्षेत्र के अरईकला गांव में कच्चा रास्ता बरसात के कारण कट गया। बरसात होने से मिट्टी धंस गई, जिससे मार्ग पर पूरी तरह से आवागमन ठप हो गया। यहां लगा बिजली का खंभा भी ढह गया, जिससे आपूर्ति ठप हो गई।