बहराइच। जिले का मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो गया है। इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री बुधवार को करेंगे। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के शैक्षिक सत्र का भी आरंभ हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
हाईटेक पैथालॉजी के साथ ही एमआरआई, सीटी स्कैन, ऑक्सीजन पाइप आदि की सुविधा मरीजों को मिलनी शुरू हो जाएगी। मरीजों के लिए वेंटीलेटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट की भी स्थापना होगी। लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लखनऊ के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। हालांकि अधिकारी अभी इसमें कुछ समय लगने की संभावना जता रहे हैं।
बहराइच मेडिकल कॉलेज के निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। शासन की ओर से मेडिकल कालेज में 48 प्रोफेसरों के भी तैनाती की जा चुकी है। इसके अलावा 47 जूनियर रेजीडेंट और 18 सीनियर रेजीडेंट तैनात किए जा चुके हैं। मेडिकल कॉलेेज का लोकार्पण बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
वह मेडिकल छात्रों के समूह को भी संबोधित करेंगे। लगभग तीन घंटे तक मुख्यमंत्री का कार्यक्रम है। मेडिकल कालेज के लोकार्पण के साथ यहां से संबद्ध राजकीय जिला अस्पताल में सुविधाओं को बढ़ाने की कवायद भी तेज कर दी गई है।
मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल में अभी तक खून, बलगम आदि की सामान्य जांचों की सुविधाएं उपलब्ध थीं। लेकिन अब इनमें इजाफा किया जा रहा है। हाईटेक पैथालॉजी की स्थापना शुरू कर दी गई है। मेडिकल कालेज के चिकित्सक जिला अस्पताल में ही मरीजों का इलाज करेंगे। यहां पर कलर एक्सरे के लिए मशीन भी आकर लग चुकी है।
प्राचार्य डॉ. अनिल के साहनी का कहना है कि मेडिकल कालेज के मानक के अनुरूप जिला अस्पताल में वेंटीलेटर की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। इसके साथ ही डायलिसिस की यूनिट की भी स्थापना होगी। मरीजों के लिए एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं को शुरू किए जाने की कवायद भी की जा रही है।
ट्रॉमा सेंटर के लिए मांगे गए हैं 15 करोड़
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ अनिल के साहनी ने बताया कि शहर के चांदपुरा में स्थित ट्रॉमा सेंटर को भी मेडिकल कालेज से संबद्ध किया गया है। इसमें मरीजों के इलाज के लिए कर्मचारियों के तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। इसके चलते यहां पर भी उपकरणों की स्थापना व अन्य कार्य के लिए 15 करेाड़ रुपये का बजट शासन से मांगा गया है। बजट मिलते ही यहां भी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
देर से ही सही मगर सरकार ने उठाया सही कदम
जिला अस्पताल में भर्ती मरीज के तीमारदार तीरथ व शंकरलाल ने कहा कि सरकार की ओर से मेडिकल कॉलेज की स्थापना में काफी देर की गई है। लगभग तीन साल का समय लग चुका है। मगर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर ढंग से दिए जाने के लिए देर से ही सही मगर बेहतर कदम सरकार ने उठाया है।
मरीज अर्जुन यादव व हजारी प्रसाद ने कहा कि अभी तक हम सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही थीं। अब सरकार की ओर से उठाए गए कदम से हम सभी को गंभीर बीमारियों पर भी लखनऊ व दिल्ली के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।