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Bahraich News: मेडिकल कॉलेज में शुरू हो रही हाईटेक जांच सुविधाएं

Tue, 29 Apr 2025 01:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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बहराइच। जिले के महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज से मरीजों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां अब इलाज पहले से कहीं तेज़ और सटीक हो सकेगा। मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक स्वचालित कल्चर एवं सेंसिटिविटी मशीन की स्थापना की गई है। ऐसे में इलाज के लिए रोगियों को लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। इस मशीन की मदद से महज 24 घंटे में यह पता लगाया जा सकेगा कि मरीज के शरीर को कौन सा वायरस या बैक्टीरिया प्रभावित कर रहा है और कौन सी दवा सबसे ज्यादा असरदार होगी। इसके साथ ही इसी महीने से एंडोस्कोपी की सुविधा भी शुरू हो रही है, जो गैस्ट्रो के मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
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बहराइच स्थित महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज में अब अत्याधुनिक स्वचालित कल्चर एवं सेंसिटिविटी मशीन की मदद से मरीजों की जांच सिर्फ 24 घंटे में हो सकेगी। इस मशीन की खासियत यह है कि यह रोगी के कल्चर या खून से यह जांच कर लेती है कि मरीज के शरीर में कौन सा वायरस सक्रिय है और कौन सी दवा उस पर असर करेगी। यह स्वचालित कल्चर एवं सेंसिटिविटी मशीन संक्रमण पैदा करने वाले वायरस या बैक्टीरिया की पहचान ऑटोमेटिक तरीके से करती है, मशीन द्वारा संबंधित रोग के लिए असरकारक एंटीबायोटिक दवा का सुझाव देने से डॉक्टर को मरीज के लिए सही दवा चुनने में भी काफी मदद मिलेगी और इलाज जल्द शुरू हो सकेगा।

अब तक यह जांच बहराइच में नहीं होती थी और दूसरे लैब से रिपोर्ट आने में 72 घंटे से ज्यादा का समय लग जाता था। रोगियों का समय और पैसा तो बर्बाद होता ही था, रिपोर्ट में देरी के चलते कभी रोगियों की जान पर भी बन आती थी। लेकिन सेंसिटिविटी मशीन की स्थापना से न सिर्फ पैैसे और समय की बचत होगी बल्कि इलाज भी पहले से ज्यादा सटीक हो पाएगा। मेडिकल कॉलेज में ही यह सुविधा शुरू हो जाने से मरीजों को काफी फायदा होगा।
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गैस और पेट से जुड़ी तकलीफों के लिए भी राहत की खबर

मेडिकल कॉलेज में इसी महीने से इंडोस्कोपी जांच की सुविधा भी शुरू की जा रही है। पेट और गैस से संबंधित बीमारियों की जांच के लिए यह मशीन काफी उपयोगी है। अब मरीजों को लखनऊ या दूसरे बड़े शहरों में भटकना नहीं पड़ेगा। मंडल स्तर पर यह सुविधा अभी तक कहीं नहीं थी। इंडोस्कोपी मशीन भी मेडिकल कॉलेज में लग चुकी है और फिलहाल उसका ट्रायल चल रहा है। कुछ ही दिनों में मरीजों की जांच शुरू कर दी जाएगी। इससे पेट और आंतों से जुड़ी बीमारियों की सटीक जांच संभव हो सकेगी।



डॉक्टरों के अनुसार, इन दोनों नई जांच सुविधाओं से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बीमारी की सटीक पहचान जल्दी हो पाएगी, जिससे सही इलाज शुरू करने में देरी नहीं होगी। पहले जहां मरीजों को रिपोर्ट के लिए कई दिन इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब एक ही दिन में जांच पूरी हो जाएगी।
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