बहराइच (ब्यूरो)। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी कब्जाने में सपा ने हैट्रिक लगा दी है। इस बार तो बड़ी आसानी से कुर्सी पर कब्जा मिल गया लेकिन बीते दो चुनावों में सपा को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। लेकिन, बसपा सरकार होने के बाद भी अपनी जीत दर्ज कराकर सपा ने सबको चौंका दिया था।
जिला पंचायत अध्यक्ष की नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही परदे के पीछे चल रहा खेल पूरी तरह से ताश के पत्तों की तरह खुलकर सामने आ गया है।
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक और मुलायम सिंह के करीब माने जाने वाले शब्बीर अहमद बाल्मीकि के पुत्र नदीम उर्फ मन्ना के सिर पर इस बार जीत का सेहरा बंधा है। वर्ष 2005 में भी अध्यक्ष पद पर सपा ने कब्जा किया था।
इस चुनाव में समाजवादी पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के करीबी माने जाने वाले कैसरगंज निवासी विजय सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था, जिन्होंने जीत दर्ज की थी।
हालांकि, 2010 में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा ने हाजी इमलाख खां की पत्नी गुलशन को प्रत्याशी बना दिया था, जिस पर विजय सिंह ने अपनी पत्नी विनीता सिंह को बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतार दिया था लेकिन सीट सपा के ही खाते में दर्ज हुई थी।
इस बार सपा ने फिर से जीत का सेहरा पहना है। भाजपा प्रत्याशी के पीछे हट जाने से नदीम का निर्विरोध चुना जाना तय है।