बारिश ने तराई के लोगों को गर्मी से राहत देने के साथ एक दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी मौसम विज्ञानी डॉ. एमवी सिंह के मुताबिक 24 घंटे के दौरान 89.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। दूसरी तरफ माैसम विभाग में 34 मिमी बारिश होने की बात कही है।
बरसात से किसान काफी खुश हैं। खेतों के लबालब होने के साथ उन्होंने कृषि कार्य शुरू कर दिया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश का स्तर ऊंचा रहने से खरीफ की फसल अच्छी होंगी। रबी के लिए भी मौसम मुफीद साबित होगा।
मानसून की बेरुखी से गत वर्ष धान की फसल चौपट हो गई। गेहूं को मार्च माह में हुई बारिश व ओलावृष्टि ने बर्बाद कर दिया। मौसम की बेरुखी से किसान दो वर्ष से परेशान थे। इस वर्ष वैज्ञानिकों ने अच्छे मानसून की संभावना जताई थी जो सच साबित हो रही है।
यह बारिश किसानों के लिए सुखद है। उत्पादत बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि शनिवार रात से रविवार तक लगातार 24 घंटे हुई बारिश ने एक दशक पुराना रिकॉर्ड तोड़ा है।