बहराइच। कुष्ठ रोग फिर पैर पसारने लगा है। यह हम नहीं बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन कह रहा है। ऐसी दशा में पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर प्रदेश में कुष्ठ रोगियों की पहचान के लिए हेल्दी कांटैक्ट अभियान चलाया जाएगा।
इस कार्य में आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की मदद ली जाएगी। विभाग ने हेल्दी कांटैक्ट का फॉर्मेट तैयार किया है। इसके तहत कुष्ठ रोगी के आसपास 10 घरों के सदस्यों की जांच का खाका खींचा गया है।
विभाग ने तैयार फॉर्मेट को हाल ही में कुष्ठ निदेशालय भेजा था। इस पर बहराइच के फॉर्मेट को पूरे सूबे में लागू किया गया है।
अब ऐसे में यदि कागजी आंकड़ों से इतर धरातल पर कुष्ठ रोगी ढूंढे गए तो निश्चित ही विभागीय योजनाओं की पोल खुलेगी और कुष्ठ पीड़ितों की वास्तविक संख्या भी मालूम चलेगी।
बहराइच के 14 विकासखंडों में 35 लाख की आबादी निवास करती है। इनमें 18 लाख 40 हजार के आसपास पुरुष व 16 लाख 39 हजार के आसपास महिलाएं शामिल हैं।
विभागीय गाइडलाइन के मुताबिक एक लाख की आबादी पर एक रोगी मिले तो स्थिति नियंत्रण में समझी जाती है, लेकिन एनुअल न्यू केस डिटेक्शन रेट के तहत प्राप्त हुए आंकड़े चिंताजनक हैं।
आलम यह है कि जिले में 594 लोग कुष्ठ रोग के शिकार हैं। इनमें से 383 संक्रामक (मल्टी बैसिलरी यानि एमबी) और 211 असंक्रामक (पासी बैसिलरी) हैं।
नौ माह में 77 रोगी नियमित दवा खाकर रोगमुक्त हुए हैं। पूरे भारत में जहां करीब 2.5 मिलियन लोग इस संक्रमण से पीड़ित हैं वहीं उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा तीन फीसदी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देश पर शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के सभी जिलों में हेल्दी कांटैक्ट अभियान संचालित करने का निर्णय लिया है।
अभियान के तहत रोगी के घर के आसपास 10 घरों के मुखिया समेत उनके सदस्यों की जांच की जाएगी और कुष्ठ रोग के प्रसार का सटीक आंकड़ा प्राप्त किया जाएगा।
बहराइच के कुष्ठ रोग विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। फार्मेट छपकर तैयार हो गए हैं। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों व स्वास्थ्य कार्यकर्ता के मदद से विभाग कुष्ठ रोगियों की पहचान के लिए जुट गया है।
मार्च में रिपोर्ट तैयार होगी और कुष्ठ रोगियों की वास्तविक संख्या मालूम होगी। यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि कुष्ठ रोगियों के लिए नई योजनाएं बनाई जा सकें और रोगियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।
एनएमए ने तैयार किया हेल्दी कांटैक्ट फार्मेट
कुष्ठ रोग विभाग में कार्यरत नॉन मेडिकल असिस्टेंट केबी त्रिपाठी ने हेल्दी कांटैक्ट अभियान के लिए फार्मेट तैयार किया है। इस फार्मेट को जिला कुष्ठ अधिकारी ने निदेशालय भिजवाया। निदेशालय ने फार्मेट को पास करते हुए पूरे सूबे में लागू किया है।
इन बिंदुओं पर संचालित होगा अभियान
हेल्दी कांटैक्ट प्रोफार्मा के मुताबिक अभियान के दौरान रोगी का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, उम्र, पता, रोगी के चारों ओर 10 घरों के मुखिया का नाम, घरों के सदस्यों की संख्या, परीक्षित व्यक्तियों की संख्या, परीक्षण तिथि, परिणाम आदि का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। इस फॉर्मेट में रोगी स्वस्थ्य, असंक्रामक है या संक्रामक, इसका भी उल्लेख किया जाएगा।
फरवरी से शुरू होगा अभियान
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि हेल्दी कांटैक्ट अभियान की सफलता के लिए विभाग ने कमर कस ली है। फरवरी से यह अभियान जिले में शुरू होगा। मार्च के अंत तक रिपोर्ट सामने आ जाएगी।