बाबागंज (बहराइच)। कनहरा गांव में चार दिनों से खसरे का प्रकोप है। बच्चों के साथ बड़े भी चपेट में हैं। सूचना के बावजूद दो दिन तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची।
सोमवार दोपहर जब सीएमओ से बात की गई तो टीम गांव पहुंच गई। रोगियों का परीक्षण कर उनका इलाज शुरू किया गया है।
मौसम में बदलाव के साथ खसरे का प्रकोप तेज हो गया है। विकासखंड नवाबगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत नरैनापुर के मजरा कनहरा में हर घर के लोग चपेट में हैं। यह स्थिति चार दिनों से है।
दो दिन तक ग्रामीणों ने समझा कि मामूली बुखार है, दाने निकल रहे हैं। लेकिन जब हर घर में लोग बीमार पड़ने लगे तो ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र पर सूचना दी। दो दिन तक रोगी खसरे के प्रकोप से कराहते रहे लेकिन डॉक्टर नहीं पहुंचे।
सोमवार दोपहर अमर उजाला प्रतिनिधि ने सीएमओ डॉ. कुलभूषण जैन से जब इस मामले में बात की तो उन्होंने चिकित्सकों की टीम गांव रवाना की।
दोपहर बाद टीम ने गांव पहुंचकर रोगियों का परीक्षण कर इलाज शुरू किया है। टीम के चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि खसरा पीड़ितों की संख्या 40 से अधिक है।
इनमें विशाल (10), शिवानी (11), अर्चना (7), संजय (11), अनिल कुमार (10), हेमा (13), रामसमुझ (15), राजू (18), रामदीन (22), रिक्खीराम (45), बदलू (60), सपईराम (22), तीरथराम (48), परसादी (35), ननकऊ (28) की हालत नाजुक बताई जा रही है।
डॉ. राजेश ने बताया कि गांव में गंदगी के चलते खसरे की स्थिति बनी है। ग्रामीणों को सजग कर दवाइयां दी गई हैं।