बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के जंगली इलाकों में डेंगू फैलने की खबर अमर उजाला में शनिवार को प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों की नींद टूटी। बिछिया गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और मरीजों का परीक्षण कर दवाएं बांटीं। इस दौरान संदिग्ध मिलने वाले आठ मरीजों के खून के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के जंगली इलाकों में मौसम के बदलाव के साथ ही डेंगू ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए। डेंगू से पीड़ित बिछिया गांव निवासी शमीम अहमद के पुत्र नजीम (14) की शुक्रवार को मौत हो गई थी, जबकि गांव निवासी एक वृद्ध व मासूम डेंगू की चपेट में थे।
डेंगू फैलने की खबर को अमर उजाला ने शनिवार के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। इसमें प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे की हीलाहवाली को भी उजागर किया गया था, जिसके बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर के चिकित्साधिकारी डॉ. उपेंद्र सिंह की अगुवाई में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम बिछिया गांव पहुंची। गांव में कैंप लगाकर मरीजों का परीक्षण किया गया। इस दौरान वायरल से पीड़ित 70 मरीज सामने आए, जिनको स्वास्थ्य टीम ने दवाएं देते हुए चिकित्सकों की देखरेख में रहने की सलाह दी।
वहीं, परीक्षण के दौरान आठ रोगी डेंगू के संदिग्ध बुखार से पीड़ित भी दिखाई दिए। जिनके खून के नमूने लेकर टीम ने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। परीक्षण के दौरान स्टाफ नर्स कौसर जहां, एएनएम सुमित्रा राय आदि मौजूद रहे।