बहराइच। जिले में पेट्रोल-डीजल का संकट तीसरे दिन और गहरा गया है। डीजल के बाद अब पेट्रोल की भी किल्लत बढ़ने से हालात बिगड़ गए हैं। जिले के 121 में से करीब 80 पेट्रोल पंप सूखे पड़े हैं, जिससे गांव से शहर तक हाहाकार मचा हुआ है। लोग रातभर पेट्रोल पंपों पर इंतजार कर रहे हैं और सुबह होते ही लंबी कतारों में लग जा रहे हैं, लेकिन फिर भी ईंधन नहीं मिल पा रहा।
शहर के डिगिहा, केबी पेट्रोल पंप और चुंगी नाका समेत कई पंपों पर पिछले 24 घंटे से पेट्रोल-डीजल खत्म है। गोंडा रोड स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर कई लोग पेट्रोल की उम्मीद में रातभर सोते रहे, लेकिन शाम तक भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। यही हाल टिकोरामोड़, फखरपुर, महसी, नानपारा रोड और मटेरा क्षेत्र के पंपों का है।
ईंधन संकट का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। सिंचाई के लिए डीजल न मिलने से गेहूं और मक्का की फसलें सूखने लगी हैं। मटेरा निवासी किसान दीनदयाल ने बताया कि तीन हेक्टेयर मक्का की फसल डीजल न मिलने से बर्बादी की कगार पर है।
कालाबाजारी भी शुरू
डीजल और पेट्रोल की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल 200 रुपये और डीजल 150 रुपये प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है, जिससे लोग मजबूरी में महंगा ईंधन खरीदने को विवश हैं।
लोड मिलने में देरी बनी वजह
इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के मैनेजर ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि गोंडा से टैंकर की सप्लाई में देरी के कारण समस्या बनी है। वहीं भारत पेट्रोल पंप के मैनेजर आरके सिंह ने कहा कि अवकाश के चलते लोड नहीं मिल सका, सप्लाई आते ही स्थिति सुधर जाएगी।
जल्द सामान्य होंगे हालात
जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और उम्मीद है कि शुक्रवार दोपहर तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।
पेट्रोल के लिए भटक रहे लोग
शहर निवासी राहुल ने बताया कि सुबह से कई पंपों का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन पेट्रोल नहीं मिला और गाड़ी रिजर्व में है। वहीं एक महिला पूजा ने कहा कि जरूरी काम से निकलना था, लेकिन पेट्रोल न मिलने से परेशानी बढ़ गई है।