नानपारा। मैगलपुरवा गांव में मातम छाया है। रह-रहकर जब चीख उठती है तो रूह कांप जाती है। घर संवारने के लिए घर से निकाला गया कदम आफाक, अयान और सोनू की जान का दुश्मन बन जाएगा, ये किसी ने नहीं सोचा था।
दशहरा पर्व नजदीक है। इसके बाद दीपावली भी आहट दे रही है। मोहर्रम भी शुरू हो गया है। इसी के चलते घर की साफ-सफाई और पुताई के लिए दोनों परिवारों को चिकनी मिट्टी की जरूरत थी। इसके लिए बच्चों को गुरुवार सुबह परिवारीजनों ने मिट्टी लाने का हुक्म दिया था।
मौसम बिगड़ने पर मुन्ना और अशोक ने बेटों को हिदायत भी दी थी कि मौसम साफ होने के बाद घर से निकलेंगे लेकिन खुशमिजाज मौसम में सभी हंसते खेलते मिट्टी लाने के लिए घर से निकल गए थे। गौरतलब हो कि मुन्ना राजगीर का काम कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है।
वहीं अशोक गायघाट पर स्थित एक होटल पर काम कर परिवार का गुजारा करता है। दोनों परिवार काफी गरीब हैं। फफकते हुए मुन्ना और अशोक ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि घर को संवारने के लिए मिट्टी लाने जा रहे बच्चे याद बनकर रह जाएंगे।
अयान, आफाक और सोनू से रोशन था घर
मुन्ना का बड़ा बेटा जीशान उर्फ शानू तमिलनाडु में नौकरी करता है। घर पर अयान, आफाक और फरमान धमाचौकड़ी कर परिवार की खुशियों को बरकरार रखते थे। लेकिन, बिजली गिरने सेअयान और आफाक की मौत तथा अरमान के अस्पताल में होने से खुशियां काफूर हो गई हैं। वहीं सोनू, अशोक का बड़ा बेटा था। अब घर में सिर्फ छोटी बहन रुचि और सात वर्षीय भाई मुनई बचा है।
मिलेगा चार-चार लाख मुआवजा
नानपारा तहसील जमाल अहमद सिद्दीकी ने बताया कि बिजली गिरने से दम तोड़ने वाले सभी बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मृतक के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की अहेतुक दैवीय सहायता प्रदान की जाएगी।