फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bahraich News: धूप से ठंड और गलन से मिली बड़ी राहत

Tue, 20 Jan 2026 01:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
विज्ञापन
बहराइच में सोमवार को मेडिकल कॉलेज के पार्क में धूप सेंकते लोग।     -संवाद
विज्ञापन
बहराइच। जिले में रविवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ले ली। रात करीब एक बजे गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि सोमवार सुबह आसमान साफ हुआ और तेज धूप निकलने से लोगों को ठिठुरन और गलन से काफी हद तक राहत मिली।
विज्ञापन



सुबह धूप निकलते ही सड़कों, बाजारों और ग्रामीण इलाकों में रौनक लौट आई। लोग धूप सेंकते नजर आए।। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को बहराइच का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। धूप के चलते ठंड का असर कम रहा, लेकिन सुबह और रात के समय सर्दी बनी रही।


हल्की बारिश से किसानों को भी राहत मिली है। खासकर गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों के लिए यह वर्षा लाभकारी मानी जा रही है। किसानों का कहना है कि बारिश से खेतों में नमी बनी रहेगी, जिससे फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। शहरी क्षेत्रों में धूप निकलने से जनजीवन सामान्य होता दिखाई दिया।
विज्ञापन



मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी के मुताबिक फिलहाल मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहेगा। अगले कुछ दिनों में रात और सुबह ठंड बनी रहेगी, जबकि दिन में धूप निकलने की संभावना है।



बदल रहे मौसम में न बरतें लापरवाही
मौसम में अचानक हो रहे बदलाव से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पी तिवारी ने बताया कि धूप और सुबह-शाम ठंड के कारण सर्दी, खांसी, बुखार व सांस से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। सुबह और रात के समय ऊनी कपड़ों का प्रयोग करें तथा ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करें। मौसम के अनुसार खानपान रखें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह जरूर लें।


क्या करें किसान
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सूर्यबली सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों को फसलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। हल्की बारिश के बाद खेतों में जलभराव न होने दें और नालियों की साफ-सफाई रखें। गेहूं, सरसों व चना जैसी रबी फसलों में रोग व कीट प्रकोप की निगरानी करें। सुबह की नमी को देखते हुए अनावश्यक सिंचाई से बचें। धूप निकलने पर खेतों में हल्की गुड़ाई कर नमी संतुलित रखें। मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही दवा व उर्वरक का प्रयोग करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें