पयागपुर (बहराइच)। ननिहाल घूमने आए तीन भाई-बहन शुक्रवार सुबह अचानक उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए। हालत बिगड़ने पर बच्चों को जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पयागपुर ले जाया जाने लगा तभी बड़ी बहन ने दम तोड़ दिया।
अन्य दोनों भाई-बहन को सीएचसी से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। एक की हालत नाजुक बनी हुई है।
सीएचसी टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्चों द्वारा खाए गए भोजन का नमूना लेकर उसे परीक्षण के लिए भेजा है। सीएचसी प्रभारी ने फूड पॉइजनिंग के चलते मौत की बात कही है।
बलरामपुर जिले के ललिया निवासी भवानी प्रसाद की ससुराल पयागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पयागपुर के भूपगंज बाजार नईबस्ती में है।
नागपंचमी पर भवानी प्रसाद की पत्नी गुड़िया अपनी बड़ी बेटी नैन्सी (6), बेटे आदर्श (5) व पुत्री अनन्या (3) के साथ मायके आई थी। त्योहार हंसी-खुशी बीता। गुरुवार रात परिवार के सदस्यों ने भोजन में दाल, चावल, रोटी, सब्जी खाई थी।
शुक्रवार सुबह सभी चाय पी रहे थे तभी गुड़िया के तीनों बच्चों ने उलझन और चक्कर आने की शिकायत की। परिवार के सदस्यों ने पहले तो ध्यान नहीं दिया लेकिन आधे घंटे में सभी को उल्टी-दस्त शुरू हो गए।
तीनों की हालत गंभीर होते देखे परिवारीजन सकते में आए। बच्चों को जैसे ही अस्पताल ले जाया जाने लगा तभी नैन्सी की मौत हो गई। घर में कोहराम मच गया। फिर अनन्या और आदर्श को तत्काल सीएचसी पहुंचाया गया। यहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने तत्काल बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
इस बीच सीएचसी प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. एनबी जायसवाल टीम के साथ भूपगंज बाजार नईबस्ती पहुंचे। उन्होंने बच्चों के भोजन और नाश्ते के बारे में पूछताछ की।
डॉक्टर जायसवाल का कहना है कि फूड पॉइजनिंग के चलते नैन्सी की मौत होने की आशंका है। फिलहाल भोजन का नमूना लिया गया है। जांच कराई जा रही है। इसके बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा।
गंदगी भी हो सकती फूड पॉइजनिंग का कारण
डॉ. एनबी जायसवाल ने बताया कि फूड प्वाइजनिंग दूषित भोजन व अन्य कारणों से होता है। घर के आसपास गंदगी भी अधिक है। वह भी फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। ऐसे में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है।