पंचायत चुनाव में किस्मत आजमा रहे माननीयों की बहू और बेटों को मुंह की खानी पड़ी है। राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध की बहू चुनाव हार गई हैं। वहीं, भाजपा के पूर्व मंत्री के बेटे को जिला पंचायत के दोनों सीटों पर प्रतिद्वंद्वियों ने पटखनी दी है। कैसरगंज विधायक के पुत्र को भी हार का सामना करना पड़ा है।
दिग्गजों के बहू-बेटे के चुनाव हारने से उनकी प्रतिष्ठा जहां प्रभावित हुई, वहीं बहू और बेटों के राजनीतिक गलियारे में आगे बढ़ने के पहले पायदान पर ही विराम लग गया है। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए रविवार को मतों की गणना शुरू हुई थी।
हाल ही में राज्यमंत्री की कुर्सी हासिल करने वाले बंशीधर बौद्ध की बहू ज्ञानवती देवी वार्ड नंबर 11 से भाग्य आजमा रही थीं। शुरुआती दौर से ही इस वार्ड से बसपा समर्थित रामकुमार कौलिक की पत्नी ऊषा देवी से उन्हें कड़ी टक्कर मिल रही थी। रात 12 बजे के आसपास 50 मतों से ज्ञानवती देवी आगे हो गईं।
तब लगा था कि शायद चुनाव परिणाम राज्यमंत्री के पक्ष में हो। लेकिन आधे घंटे में ही आठवें चक्र की गणना में वह फिर 150 वोटों से पीछे हो गईं। भोर में वोटों की गिनती खत्म हुई तो 454 मतों से राज्यमंत्री की बहू ज्ञानवती पराजित हो गईं।
भाजपा के पूर्व मंत्री अक्षयरलाल गोंड के पुत्र आनंद गोंड राजनीतिक गलियारे में आगे बढ़ने के लिए इस बार वार्ड संख्या 40 और 45 से भाग्य आजमा रहे थे। दोनों सीटों पर वह चौथे और पांचवें नंबर पर रहे। वे महज हजार वोटों के आसपास ही सिमट गए।
भाजपा के कैसरगंज विधायक मुकुटबिहारी वर्मा के पुत्र गौरव वर्मा पयागपुर इलाके में वार्ड नंबर 43 से चुनाव लड़ रहे थे। वह भी चुनाव हार गए हैं। भाजपा सांसद सावित्रीबाईफुले के चाचा अक्षयवरलाल कनौजिया को भी मुंह की खानी पड़ी है। वह वार्ड नंबर 12 से चुनाव मैदान में थे। यहां पूर्व विधायक शब्बीर अहमद के पुत्र मन्ना ने जीत हासिल की है।
सपा के पूर्व विधायक शब्बीर अहमद बाल्मीकि ने पंचायत चुनाव में इस बार अपने तीन बेटों पर दांव खेला था। बड़े पुत्र मन्ना ने वार्ड नंबर 12 से 2300 वोटों से जीत हासिल की है। वार्ड नंबर 36 से चुनाव लड़ रहे मंझले पुत्र संजय उर्फ शेबू ने 3167 मतों से जीत दर्ज की।
क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के चुनाव में भी अजीबो - गरीब परिणाम देखने को मिले हैं। मिहींपुरवा विकासखंड की वर्तमान ब्लॉक प्रमुख दमयंती सिंह हैं। वह वार्ड नंबर 81 से चुनाव मैदान में थीं। इस वार्ड के बूथ संख्या 256 और 257 पर मतदान हुआ था। इन दोनों बूथों पर वर्तमान ब्लॉक प्रमुख को महज दो-दो वोट मिले हैं।
उनकी प्रतिद्वंद्वी विमला देवी 506 मत पाकर विजयी रहीं। वर्तमान ब्लॉक प्रमुख के पति अयोध्या सिंह भी वार्ड नंबर 80 और 87 से बीडीसी का चुनाव लड़ रहे थे। वह भी इन दोनों सीटों पर चुनाव हार गए। वार्ड नंबर एक में वह निर्विरोध चयनित हुए हैं।