बहराइच। तराई व नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बरसात के चलते कैसरगंज के मंझारा तौकली गांव में घाघरा नदी की कटान तेज हो गयी है। शुक्रवार को छह मकान कटकर नदी में समा गए। कटान तेज होने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। उफनायी घाघरा का पानी महसी के निचले इलाकों में बसे पांच गांवों में भर गया है।
बाढ़ के चलते राजस्व कर्मियों की टीम को अलर्ट किया गया है। नावों की व्यवस्था करने के निर्देश एसडीएम ने दिए हैं। नदी के तट पर बसे गांवों के ग्रामीणों मेें भी दहशत है। 110 बीघा खेती योग्य जमीन नदी की भेंट चढ़ गई है, मगर राहत और बचाव कार्य पूरी तरह शून्य हैैं।
घाघरा नदी पल-पल रुख बदल रही है। 24 घंटे पहले खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही नदी रात में मूसलाधार बरसात के चलते खतरे के निशान की ओर फिर बढ़ने लगी है। केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट के मुताबिक नदी का जलस्तर रात में दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा था। हालांकि शुक्रवार दोपहर में नदी का पानी स्थिर हो गया है।
जलस्तर खतरे के निशान 106.07 मीटर के सापेक्ष 105.55 मीटर रिकॉर्ड हुआ। पुन: जलस्तर में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं। जलस्तर बढ़ने से कटान और तेज हो गयी है। कैसरगंज का मंझारा तौकली गांव नदी के निशाने पर आ गया है। नदी ने तेज कटान करते हुए गांव निवासी संतराम, बनारसी, तीरथ, मंहत, निंक्कू समेत छह ग्रामीणों के मकानों को लील लिया। साथ ही करीब 110 बीघा कृषि योग्य भूमि घाघरा में समा गयी है।
इसके साथ ही नदी की लहरें गुलाब सिंह पुरवा, भिरगुपुरवा, बिरजा पकड़िया, ग्यारह सौ रेती, रोहित पुरवा, गोड़ियनपुरवा, चंद्रदेवपुरवा, हरिजन बस्ती, महावीर पुरवा, गोड़हिया नंबर तीन की ओर बढ़ रही हैं।
उधर, उफनायी घाघरा का पानी महसी तहसील के निचले इलाकों में नदी के उस पार भरने लगा है। इसके चलते अटोडर, नौबस्ता, तूलापुर, चुरलिया, मांझा दरियाबुर्द गांवों में पानी भर गया है। जलस्तर बढ़ने की सूचना पाकर उप जिलाधिकारी एसएन त्रिपाठी ने टीम के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर जायजा लिया। उपजिलाधिकारी ने गांव के लोगों को आगामी 48 घंटे तक अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
1.67 लाख क्यूसेक से अधिक पानी हो रहा डिस्चार्ज
घाघरा नदी में दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज के अवर अभियंता एसआर वर्मा ने बताया कि गिरिजापुरी बैराज, शारदा और बनबसा बैराज से 1.59 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। ऐसे में घाघरा का जलस्तर अभी और बढ़ने की उम्मीद है।
नदी का जलस्तर
एल्गिन ब्रिज पर खतरे का निशान- 106.07 मीटर
एल्गिन ब्रिज पर वर्तमान जलस्तर- 105.55 मीटर
99 नावों की होगी व्यवस्था
महसी क्षेत्र के निचले इलाकों की ओर घाघरा नदी का पानी घुसा है, लेकिन जहां पानी पहुंचा है, वहां के ग्रामीण पहले ही निकल चुके हैं। 99 नावों की व्यवस्था की जा रही है। इनमें 77 नावें ग्राम पंचायतों की है, जबकि 22 नावें निजी हैं। फ्लड पीएसी को भी हर मौके से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
- एसएन त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी
कटान स्थल पर कैंप कर रहे राजस्व कर्मी
पहाड़ों पर हो रही बारिश और तराई में रुक-रुक कर जारी बरसात के कारण घाघरा के जलस्तर में इजाफा हो रहा है। कटान स्थल पर राजस्व कर्मी निरंतर कैंप कर रहे हैं। कटान पीड़ितों को सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
- रामसुरेश वर्मा, अपर जिलाधिकारी