बहराइच। जिले में कमजोर और बेसहारा लोगों की बेशकीमती जमीन व भवनों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने वाले कथित ‘गब्बर गैंग’ पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दरगाह शरीफ पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत छह आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर के तहत प्राथमिकी दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि यह संगठित गिरोह अन्य जनपदों में भी कमजोर वर्ग के लोगों को निशाना बनाकर उनकी संपत्तियां हड़पने का काम करता था।
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि गिरोह का सरगना जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ गब्बर सिंह पयागपुर के ग्राम मोहनपुर माफी का निवासी है। रविंद्र सिंह, सत्यकाम पाल, मुकेश सिंह, अनिल कुमार और महेंद्र सिंह उर्फ अभय प्रताप सिंह उसके गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं।
इन पर आरोप है कि ये लोग आर्थिक लाभ के लिए निर्बल और असहाय लोगों को डरा-धमकाकर, दबाव बनाकर, कूटरचित अभिलेख तैयार कर उनकी जमीन और भवनों का बैनामा अपने व सहयोगियों के नाम कराते थे।
प्रभारी निरीक्षक रामाज्ञा सिंह ने दर्ज कराई गई तहरीर के जरिये कहा है कि क्षेत्र भ्रमण और गोपनीय सूचनाओं से लगातार गिरोह की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। रविवार को भी क्षेत्र के कई लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि यह गिरोह लंबे समय से ऐसे अपराधों में लिप्त है और इनके कारण आमजन में भय व आक्रोश व्याप्त है।
इसके चलते गिरोह के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में हमजापुरा निवासी आरोपी अनिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
गैंग चार्ट को जिलाधिकारी ने दी मंजूरी
पुलिस की ओर से गब्बर सिंह गैंग का चार्ट अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी को भेजा गया था। 25 मई को जिलाधिकारी से अनुमोदन मिलने के बाद सोमवार को गैंगस्टर एक्ट के तहत सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि गिरोह की गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन रही थीं। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
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हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से मिली थी राहत
देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ गब्बर सिंह को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई में नियमों का समुचित पालन न होने का हवाला देते हुए उन्हें राहत प्रदान की थी। साथ ही उनकी सीज की गई संपत्तियों को बहाल करने का आदेश भी दिया था। करीब एक माह पूर्व गब्बर सिंह की चारों संपत्तियां बहाल कर दी गई थीं।