केडीसी में चल रहे एबीवीपी के प्रांत अधिवेशन में मौजूद लोग। - स्रोत : आयोजक
बहराइच। किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), अवध प्रांत के तीन दिवसीय 65वें प्रांत अधिवेशन का शुक्रवार को विधिवत समापन हुआ। अधिवेशन के अंतिम दिन उत्तर प्रदेश के वर्तमान शैक्षिक व सामाजिक परिदृश्य, विवेकशील एवं पर्यावरण-अनुकूल विकास तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता व डिजिटल प्लेटफॉर्म के युग में युवाओं की स्थिति जैसे चार महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर गहन चर्चा की गई।
अवध प्रांत की अध्यक्ष प्रो. नीतू सिंह ने प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा से इन प्रस्तावों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सुझाव साझा करने का आह्वान किया, जिस पर उपस्थित छात्र-छात्राओं ने हाथ उठाकर और ओम की ध्वनि के साथ अपनी सहमति व्यक्त की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कलामंच की वार्षिक पत्रिका कला अभिरंग और एक शोध पत्रिका का विमोचन भी किया गया। कला अभिरंग में परिषद की वर्ष भर की गतिविधियों को चित्रों के माध्यम से संकलित किया गया है।
कार्यक्रम में अभाविप पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही, प्रांत संगठन मंत्री अंशुल विद्यार्थी, राष्ट्रीय कलामंच के अखिल भारतीय प्रमुख अंकित शुक्ला, राष्ट्रीय संयोजक अभिनव दीप, प्रांत प्रमुख डॉ. सुनीता शर्मा, सह प्रमुख डॉ. कस्तूरी सिंह और प्रांत संयोजिका कुसुम कनौजिया सहित कई पदाधिकारी व सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।