बहराइच। परवानीगौढ़ी व सियापुरवा गांव निवासी हत्या के चार दोषियों को सोमवार को चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड की राशि अदा न करने पर चारों को तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
क्षेत्र के परवानीगौढ़ी निवासी वीरेंद्र कुमार ने आठ अक्तूबर 1996 को मोतीपुर थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि उनके पिता गिरधारी लाल, रामअवतार व रामनिवास के साथ आठ अक्तूबर को मिहींपुरवा बाजार से घर लौट रहे थे। रास्ते में सुक्खापुरवा गांव के पास पहले से घात लगाए बैठे गांव निवासी संतराम, अमर सिंह, रोहित वर्मा, शिवनाथ व सियापुरवा गांव निवासी लल्लन सिंह ने घेर लिया।
पिता गिरधारी लाल व रामअवतार हल्ला मचाते हुए मौके से भाग निकले, लेकिन रामनिवास को हमलावरों ने पकडकर धारदार हथियारों से मारना शुरू कर दिया। घटना में रामनिवास की मौके पर ही मौत हो गई थी। थाने की पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
सोमवार को चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील प्रसाद ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए आरोपी संतराम, अमर सिंह, रोहित वर्मा व शिवनाथ को घटना में दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।