बहराइच के रुपईडीहा में एसएसबी ने भारत-नेपाल सीमा पर दो मानव तस्करों को पकड़ा। इनके कब्जे से चार किशोरों को मुक्त कराया गया। तस्कर किशोरों को नौकरी का झांसा देकर नेपाल ले जाने की फिराक में थे। एसएसबी ने किशोरों को देहात संस्था को सौंप दिया है। तस्करों को जेल भेजा जाएगा।
भारत के सीमावर्ती जिलों से गरीब परिवारों के बच्चों पर मानव तस्कर निगाह गड़ाए है। बुधवार सुबह सीमा पर मानव तस्कर लखीमपुर निवासी तीन व सीतापुर निवासी एक किशोर को नेपाल ले जाने की कोशिश कर रहे थे। मानव तस्कर जब किशोरों को लेकर सीमा पर पहुंचे तो एसएसबी के जवानों ने शंका होने पर पूछताछ की। एसएसबी 42वीं वाहिनी के उप कमांडेंट जयप्रकाश ने बताया कि इंस्पेक्टर वीपेंद्र की पूछताछ में किशोरों को तस्करी कर काठमांडू ले जाने का पता चला। इस पर सभी को कब्जे में लिया गया है। उनकी निशानदेही पर दो मानव तस्करों को दबोचा गया। इनकी पहचान हरीराम निवासी बिहारीपुरवा लखीमपुर व विनोद चौरसिया निवासी लहरपुर सीतापुर के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान मानव तस्करों ने बताया कि किशोरों को नेपाल में पोखरा जिले में लेकर जा रहे थे। वहां
आरा मशीन फैक्ट्री में उनसे काम करवाना था। उप कमांडेंट ने बताया कि किशोरों से पूछताछ के बाद उन्हें परिवारीजनों के सुपुर्द करने के लिए देहात संस्था को सौंप दिया गया है। मानव तस्करों को जेल भेजा जाएगा।