कैसरगंज के मंझारा तौकली में कटान कर रही घाघरा नदी।
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बौंडी (बहराइच)। घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। सोमवार को नदी ने तेज कटान करते हुए मंझारा तौकली और गोड़हिया गांव में चार मकानों को लील लिया। वहीं, 85 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी की कटान की भेंट चढ़ी है। सूचना के बावजूद राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे हैं।
तराई में वर्षा थमी हुई है, लेकिन नेपाल के पहाड़ों पर रह-रह कर बादल बरस रहे हैं। जिसके चलते घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव की स्थिति बरकरार है। सोमवार को नदी की लहरों ने तेज कटान करते हुए मंझारा तौकली गांव निवासी हीरालाल, गुलाब, संतराम, राजाराम के घरों को लील लिया। जबकि गोड़हिया नंबर तीन गांव निवासी एक ग्रामीण के घर को निशाना बनाया है।
नदी की लहरें धीरे-धीरे भिरगूपुरवा गांव की ओर बढ़ रही हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत है। 85 बीघा खेती योग्य जमीन नदी के कटान की भेंट चढ़ी है। कटान तेज होने से ग्यारह सौ रेती, रोहितपुरवा, चंद्रदेवपुरवा, हरिहर बस्ती, महावीरपुरवा व बहराइचनपुरवा गांव के लोग भी दहशतजदा हैं। यह गांव नदी की लहरों से दो तरफ से घिरे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक राहत व बचाव के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। कहा कि अगर कटान और तेज हुई तो बचाव करना मुश्किल हो जाएगा। इससे परेशान ग्रामीण सामान समेट कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुटे गए हैं। उपजिलाधिकारी रामजीत मौर्य ने बताया कि राजस्व कर्मी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। पीड़ितों की सूची तैयार की जा रही है। सभी कटान पीड़ितों को मुआवजा प्रदान किया जाएगा।