घाघरा नदी का जलस्तर तो लगातार घट रहा है लेकिन कटान बढ़ती जा रही है। बचा-खुचा कायमपुर गांव अब पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। घाघरा की लहरों ने कटान करते हुए गांव निवासी चार ग्रामीणों के मकान को शुक्रवार को लील लिया है, जबकि अन्य छह ग्रामीणों के मकान नदी के निशाने पर हैं। दहशतजदा ग्रामीण संपत्ति समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
घाघरा की लहरें तबाही बरपा रही हैं। नदी के जलस्तर में लगभग एक मीटर की कमी आई है लेकिन कटान तेज हो गई है। गुरुवार रात से शुक्रवार दोपहर तक लहरों ने महसी तहसील के कायमपुर गांव निवासी भुलई, सदाबहार, जगदीश और काशीराम के मकान को लील लिया है। नदी की लहरें इस समय गांव निवासी राममूरत, जियावन, मंगरे, गोमती, बाबू समेत छह ग्रामीणों के आशियानों पर थपेड़े ले रही हैं। कटान की सूचना तहसील को दी गई लेकिन कटान रोकने के उपाय नहीं हो सके हैं।
लेखपाल रामानुज गिरि गांव में कैंप कर रहे हैं लेकिन वह भी संसाधनों के अभाव में बेबस हैं। लेखपाल का कहना है कि कटान की रिपोर्ट भेजी जा रही है। मुआवजा दिलाएंगे। ग्रामीणों के आशियानों के साथ ही कायमपुर का प्राथमिक विद्यालय भी नदी के निशाने पर आ गया है। नदी और स्कूल के बीच महज 50 मीटर का फासला है। इस बारे में उपजिलाधिकारी सीपी तिवारी का कहना है कि कटान रोकने के लिए सरयू ड्रेनेज खंड के अभियंताओं को पत्र लिखा गया है।