तराई में बदल रहे मौसम के बीच डायरिया और बुखार कहर बरपाने लगा है। बुधवार को डायरिया और बुखार से पीड़ित चार मासूमों की इलाज के दौरान मौत हो गई। 26 रोगी और भर्ती हुए हैं। इनमें तीन की हालत नाजुक है। चिकित्सक दम तोड़ने वाले मरीजों को गंभीर हालत में अस्पताल लाने की बात कह रहे हैं।
तराई में तेज धूप और बारिश के बीच मौसम का उतार-चढ़ाव जारी है। इस बीच संक्रामक रोग भी पैर पसारने लगे हैं। डायरिया और बुखार बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।
हुजूरपुर के गाजीपुर निवासी सौम्या (4) पुत्री विजय कुमार तीन दिन से बुखार और उल्टी-दस्त की चपेट में थी। चिकित्सकों से परिवार के लोग इलाज करा रहे थे। सौम्या की हालत बिगड़ी तो स्थानीय डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। इस पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां बुधवार सुबह सौम्या ने दम तोड़ दिया।
रिसिया के डिहवा निवासी साबिया (5) पुत्री शाहिद की भी बुखार और उल्टी-दस्त से मौत हो गई। उसे आंशिक बर्थ एक्सपीसिया की शिकायत भी बतायी जा रही है। जरवल के लोधनपुरवा निवासी पप्पू (1) पुत्र राजू, हरिहरगंज बलरामपुर निवासी नातिशा (2) पुत्री अफरोज को भी उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत पर जिला अस्पताल पहुंचाया गया था।
वहां इलाज शुरू होते ही सांसें थम गईं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा का कहना है कि स्थानीय चिकित्सकों के जवाब देने पर परिवारीजन बच्चों को जिला अस्पताल लाए थे। हालत काफी गंभीर थी। काफी कोशिश के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
तराई में डेढ़ माह से भीषण गर्मी का प्रकोप चल रहा है। ऐसे में 45 दिन के अंतराल में 55 बच्चों की मौत हो गई है। वहीं, स्वास्थ्य महकमा मौतों पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।