तराई में डेंगू और दिमागी बुखार लोगों के लिए जानलेवा बना है। मंगलवार को इलाज के दौरान डेंगू और दिमागी बुखार से पीड़ित चार लोगों की मौत हो गई। 19 अन्य पीड़ित अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। उधर डेंगू के सात और रोगी मिले हैं। इनमें तीन रोगियों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
तराई में डेंगू और दिमागी बुखार से पीड़ितों के दम तोड़ने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इसके चलते बुखार का एहसास होते ही लोग दहशतजदा हो रहे हैं। स्वास्थ्य महकमे के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। जिला अस्पताल में तीन दिन पूर्व दिमागी बुखार से पीड़ित होकर भर्ती हुए समतलिया गांव निवासी इकरार (एक) पुत्र अब्दुल हक, रामगांव निवासी विनोद (4) पुत्र आत्माराम को तेज बुखार के साथ झटके आ रहे थे।
डॉक्टरों ने दिमागी बुखार की आशंका जताते हुए इलाज शुरू किया। मंगलवार सुबह आधे घंटे के अंतराल में दोनों बच्चों की सांसें थम गईं। उधर विशेश्वरगंज निवासी किशन (01) पुत्र प्रभुनाथ की भी बुखार के चलते इलाज के दौरान मौत हो गई। श्रावस्ती में इकौना निवासी जगदीश के चार वर्षीय पुत्र रामू को तेज बुखार की हालत में परिवारीजन जिला अस्पताल लाये थे। यहां इलाज शुरू होते ही उसकी मौत हो गई।
वह डेंगू की चपेट में था। उधर जिला अस्पताल में 28 बुखार पीड़ितों का रक्त परीक्षण किया गया। उनमें सात रोगी डेंगू पॉजिटिव मिले हैं। संक्रामक रोगों से ग्रसित 19 रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें बाबूलाल (13), शीबू (2) और मालिक (18) की हालत नाजुक बताई जा रही है।