महसी/जरवल (बहराइच)। महसी तहसील क्षेत्र में घाघरा का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है लेकिन अभी भी 20 गांवों में पानी भरा हुआ है फिर भी तहसील प्रशासन की ओर से बचाव का कोई उपाय नहीं किया गया। गांव में मकान पानी से घिरे हुए हैं।
ग्रामीण मदद की बाट जोह रहे हैं। उधर जरवल में घाघरा खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर है लेकिन इसमें भी मंगलवार से बुधवार शाम तक आठ सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। बुधवार दोपहर बाद से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं महसी में नदी स्थिर बनी हुई है।
महसी तहसील में घाघरा का जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिर हो गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से तहसील क्षेत्र के 22 गांवों में पानी भर गया था। जलस्तर स्थिर होने से दो गांवों से पानी कम हो गया है। वहीं 20 गांव में अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है जिससे इन गांवों के लोग चारों तरफ से पानी से घिरे हुए हैं। तहसील प्रशासन की ओर से बचाव के उपाय नहीं किए गए हैं। ग्रामीण किसी तरह गुजरबसर कर रहे हैं।
तहसील क्षेत्र के तुरंतीपुरवा, राजबलीपुरवा, पुरबियनपुरवा, रामदहिनपुरवा, चमरही, अहिरनपुरवा और ठड़बेहना समेत 20 गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों को तहसील प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है। मंगलवार को एडीएम ने क्षेत्र का दौरा कर किया था। इसके बावजूद ग्रामीणों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। महसी में स्थित घाघरा नदी के बिसवां स्पर के जलमापक बहोरी लाल ने बताया कि घाघरा नदी का जलस्तर बुधवार को स्थिर हो गया है जिससे नदी में पानी बढ़ने से रुक गया है।
उधर कैसरगंज तहसील क्षेत्र के जरवल विकास खंड अंतर्गत जरवलरोड स्थित संजय सेतु पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर है। घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर निचले क्षेत्रों में पानी भरना शुरू हो गया है। बुधवार को घाघरा नदी का जलस्तर 106.586 सेंटीमीटर मापा गया। मापक के मुताबिक मंगलवार से बुधवार तक नदी का जलस्तर आठ सेंटीमीटर और ऊपर पहुंच गया है।
एसडीएम कैसरगंज महेश कैथल ने बताया कि घाघरा नदी के जलस्तर पर पूरी नजर रखी जा रही है। राजस्व कर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। आसपास के गांवों के लोगों को भी सतर्क किया गया है। पहाड़ों और जिले में हो रही बारिश के कारण कुछ गांवों में कटान और पानी भरने की सूचना है। जिसे देखा जा रहा है।