बहराइच। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को जरवल के मुड़ियाडीह विद्यालय का निरीक्षण किया तो यहां दो शिक्षिकांए गैरहाजिर मिलीं। स्कूल में मौजूद एक शिक्षिका ने नदारद शिक्षिकाओं को बचाने की कोशिश की।
इस पर तीनों को निलंबित कर दिया गया। वहीं, कैसरगंज के लालपुर जलालपुर प्राथमिक और जूनियर विद्यालय की हेडमास्टर को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। एक टीटीई प्रशिक्षु पर भी गाज गिरी है।
बीएसए डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह नौ बजे के आसपास वह प्राथमिक विद्यालय मुड़ियाडीह जरवल पहुंचे। यहां चार शिक्षक की तैनाती है लेकिन सहायक शिक्षिका रिचा त्रिपाठी और नेहा विश्वकर्मा नदारद मिलीं।
नेहा के बिना तिथि के प्रार्थनापत्र के आधार पर शिक्षिका संजू मिश्रा ने उन्हें बचाने की कोशिश की। इस पर तीनों शिक्षिकाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बीएसए ने बताया कि विद्यालय में 111 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। उनमें से महज तीन छात्र ही मौके पर मौजूद मिले। इस मामले में प्रधानाध्यापिका से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
बीएसए ने कहा कि महिला आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी ने कैसरगंज के जूनियर हाईस्कूल लालपुर जलालपुर और प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया था। यहां भी छात्र संख्या न के बराबर मिलीं। काफी गंदगी थी।
जूनियर विद्यालय के प्रधानाध्यापक उदयभान सिंह और प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक मगनबिहारी की घोर लापरवाही उजागर हुई थी। इस पर दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
अभद्रता से पेश आने पर टीईटी प्रशिक्षु निलंबित
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह शुक्रवार दोपहर में फखरपुर ब्लॉक संसाधन केंद्र पर शिक्षकाें की मीटिंग ले रहे थे। इसी दौरान नंदवल विद्यालय में तैनात टीईटी प्रशिक्षु शिक्षक मनीष यादव मौके पर पहुंच गया।
उसने अपने सत्यापन का डिस्पैच नंबर मांगा। डिस्पैच नंबर गोपनीय होने के चलते मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने देने से इंकार किया तो उनके साथ अभद्रता कर हंगामा किया। इस पर बीएसए ने मनीष के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की है।