मोतीपुर के बंगालीपुरवा में कटान कर रही घाघरा नदी।
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बौंडी/बिछिया (बहराइच)। जलस्तर कम होने के साथ ही घाघरा नदी ने कटान तेज कर दी है। रविवार को महसी क्षेत्र के नगेश्वरपुरवा में पांच ग्रामीणों के मकान कटकर नदी में समा गए। इसके अलावा 10 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो गई। उधर, मिहींपुरवा तहसील में तीन गांवों के दर्जनों ग्रामीणों के 80 बीघा खेत कटान की भेंट चढ़ गए।
महसी तहसील में स्थित घाघरा नदी की कटान नगेश्वरपुरवा की ओर मुड़ गई है।
नगेश्वरपुरवा गांव निवासी मौजीलाल, सुमन, पिंटू, भगौती, नन्हूं के मकान कटकर नदी में समा गए। जबकि 10 बीघा जमीन ग्रामीणों की नदी में समाहित हो गई। कटान से बचने के लिए ग्रामीण अपना सामान बटोरकर सुरक्षित स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं। कटान की सूचना लोगों ने तहसील मुख्यालय पर दी। इस मामले में तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि नगेश्वरपुरवा में पांच ग्रामीणों के मकान नदी में समाहित हुए हैं। जल्द ही इन सभी को अहेतुक सहायता प्रदान की जाएगी।
उधर, मिहींपुरवा विकास खंड के सुजौली क्षेत्र में घाघरा नदी ने कटान शुरू कर दी है। ग्राम पंचायत चहलवा के मजरा बंगलीपुरवा, दूधनाथपुरवा, हनुमानगढ़ी में ग्रामीणों के खेत नदी में समा गए। किसान जगन्नाथ सिंह, केशव सिंह, राजेंद्र सिंह, रामसूरत, विजय सिंह, लक्ष्मण सिंह, प्रदीप, रामकिशोर आदि की 80 बीघा से अधिक खेत नदी में समा गए। ग्रामीणों ने कटान की सूचना मोतीपुर तहसील में दी है, लेकिन सूचना के बाद भी कोई राजस्वकर्मी मुआयना करने नहीं गया है।