मटेराचौराहा/विशेश्वरगंज। आग की लपटों का कहर थम नहीं रहा है। अरमानों के आशियाने राख हो रहे हैं। बुधवार को मटेरा और विशेश्वरगंज क्षेत्र में लगी आग से पांच मकान जलकर राख हो गए। गृहस्थी का एक तिनका भी नहीं बचा है।
चार लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। राजस्वकर्मियों ने मुआयना कर रिपोर्ट तहसील को भेज दी है। पर पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिल सका है। पीड़ित परिवार खुले आसमान तले गुजर बसर करने को मजबूर हैं।
नानपारा तहसील अंतर्गत भगवानपुर बिलासपुर गांव निवासी मैनुद्दीन खां के घर में बुधवार भोर में अचानक लगी आग से गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। परिवारीजनों ने जैसे तैसे जान बचाई।
गांव के लोग जब तक दौड़ते, तब तक आग की लपटों ने पड़ोसी कल्लन खां, हसीब और जलाल के मकान को भी जद में ले लिया। कड़ी मशक्त के बाद आग पर काबू पाया जा सका। लेकिन तब तक लपटों ने इन चारों ग्रामीणों के मकान की गृहस्थी को राख के ढेर में तब्दील कर दिया।
उधर विशेश्वरगंज थाना अंतर्गत खानपुर मल्लोह के मजरा शीतलादीनपुरवा निवासी छोटू यादव के घर में सुबह अचानक लगी आग से घर में रखा 30 हजार रुपया नकदी, पंपिंग सेट, साइकिल, अनाज, कपड़ा, बर्तन आदि जल गया। दोनों स्थानों पर राजस्वकर्मियों ने मुआयना कर रिपोर्ट तहसील को भेज दी है।
गेहूं की फसल भी जली
चरदा। रुपईडीहा थाना अंतर्गत बिरई गांव निवासी मोहम्मद शेर खां, जाकिर खां के गेहूं के खेत में रात में अचानक आग लग गई। खेत में खड़ी छह बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। बिरई गांव और इटहवा गांव के ग्रामीणों ने दो घंटे बाद आग पर काबू पाया।
जरवल में भी छह आशियाने राख
जरवलरोड। क्षेत्र के ग्राम पंचायत आदमपुर के मजरा पुरैनी निवासी सागर के फूस के मकान में बुधवार देर शाम अचानक आग लग गई। जब तक गांव के लोग दौड़ते, तब तक लपटों ने पड़ोसी कृपाराम, रामदयाल, श्यामपाल, दुक्खू और रामलौटन के मकान को भी आगोश में ले लिया। लगभग दो लाख की संपत्ति राख हो गई। सूचना तहसील को दी गई लेकिन कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।