तराई में बदल रहे मौसम के बीच बुखार और बर्थ एक्सपीसिया का कहर थम नहीं रहा है। बुखार और बर्थ एक्सपीसिया से पीड़ित जिला अस्पताल में भर्ती पांच मासूमों की शुक्रवार को मौत हो गई। वहीं विभिन्न संक्रामक रोगों से पीड़ित और 14 मरीज भर्ती हुए हैं। इनमें दो की हालत नाजुक बताई जा रही है।
तराई में बदल रहा मौसम तेज बुखार का वाहक बना हुआ है। मौसम में बदलाव के साथ ही तेज बुखार के रोगियों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है। रानीपुर थाना क्षेत्र के हरिहरपुर निवासी कलाम (4) पुत्र जलालुद्दीन को दो दिन से बुखार की शिकायत थी। परिवारीजनों ने स्थानीय स्तर पर इलाज कराया, लेकिन लाभ न होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान सुबह कलाम ने दम तोड़ दिया।
उधर, कोतवाली देहात क्षेत्र के मानपुरवा निवासी मरियम (3) पुत्री पप्पू तथा दरगाह शरीफ निवासी चांदिनी (4) को भी बुखार से पीड़ित हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोनों मासूमों की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं रानीपुर के दहौरा निवासी संतोष की पत्नी सुमन ने बेटे को जन्म दिया था। लेकिन जन्म के एक घंटे बाद उसकी तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन में मासूम को जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में में भर्ती कराया गया है। इलाज के दौरान उसकी सांसें थम गईं।
वहीं कैसरगंज निवासी अंशू की पत्नी गुड़िया ने बेटी को जन्म दिया था। उसे भी बर्थ एक्सपीसिया की शिकायत थी। इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। उधर, बुखार और डायरिया से पीड़ित 14 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें दो रोगियों की हालत नाजुक बताई जा रही है।