आग की लपटों का कहर जिले में थम नहीं रहा है। शुक्रवार को अलग-अलग स्थानों पर आग लगने से 16 आशियाने व उनमें रखा सारा सामान जल गया। इसमें 10 लाख से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। आग की चपेट में आकर दो मवेशी झुलस गए, वहीं एक मवेशी की जलकर मौत हो गई। अग्निपीड़ित खुले आसमान तले गुजर-बसर करने को मजबूर हो गए हैं।
महसी तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत बभनौटी शंकरपुर के मुजही टेपरा गांव निवासी पंचम के मकान में सुबह अज्ञात कारणों से आग लग गई। उस समय घर की महिलाएं खाना बना रही थीं। आग लगने पर परिवारीजनों ने बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। इस पर सभी ने भागकर जान बचाई। चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े, लेकिन तब तक आग की लपटों ने पड़ोसी जमुना, द्वारिका के मकान को भी चपेट में ले लिया।
ग्रामीणों ने किसी तरह आग की लपटों को फैलने से रोका। ग्राम प्रधान लल्लन मिश्र ने बताया कि लेखपाल को घटना की सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा है। कोटेदार से पीड़ितों को अनाज दिलाया गया है। उधर, नानपारा क्षेत्र के बड़गांव निवासी गुमाना के घर में सुबह करीब 11 बजे आग लग गई। गुमाना के शोर मचाने पर गांव के लोग दौड़े। लेकिन तब तक आग की लपटों ने गांव निवासी माधव, विद्याप्रकाश, महेश, गोविंद, कंधईलाल और हुकुम आदि के घरों को आगोश में ले लिया। अग्निकांड में माधव और विद्याराम की दो भैंसें झुलस गईं।
वहीं, एक मवेशी की मौके पर ही मौत हो गई। उधर, पयागपुर तहसील क्षेत्र के रायडीह पंडितपुरवा गांव निवासी जोखनलाल, बरसाती, शेखू, धन्नी, कुलेराज समेत छह ग्रामीणों के मकान आग लगने से जल गए। किसी तरह परिवारीजनों ने भागकर जान बचाई। अग्निकांड की सूचना तहसील को दी गई है। पीड़ित परिवार खुले आसमान तले गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। हादसों में 10 लाख से अधिक की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है।
मोतीपुर तहसील अंतर्गत थाना मोतीपुर के ग्राम गायघाट में दोपहर बाद अज्ञात कारणों से गांव निवासी केदार पुत्र जगदीश मिश्रा के गेहूं के खेत में आग लग गई। चरवाहों के शोर मचाने पर गांव के लोग दौड़े, लेकिन तब तक लपटों ने पड़ोसी कुंवारे पुत्र बाबू, राजेश पुत्र लक्ष्मी नरायन व राम नरेश के गेहूं की फसल को भी चपेट में ले लिया। आग से करीब 40 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। गांव के लोगों ने पंपिंग सेट चलाने के बाद किसी तरह आग को फैलने से रोका। आग बुझाते समय दो ग्रामीण झुलस गए। इस मामले में भी तहसील को सूचना दी गई है। लेकिन कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। 40 बीघा से अधिक गेहूं की फसल जली है।