बहराइच। महबूब नगर थाना मोतीपुर निवासी पांच अभियुक्तों को अवैध पेड़ कटान के आरोप मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय की कोर्ट ने तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी आरोपियों पर एक-एक हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को तीन-तीन दिवस का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
कतर्नियाघाट वन प्रभाग क्षेत्र के ककरहा बीट के वन रक्षक रूप नारायण शुक्ला वनकर्मियों की टीम के साथ वनक्षेत्र में भ्रमण करते समय वर्ष 2014 के दिसंबर माह में जंगल के प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति के रामदल, रामप्रकट, मुकेश, संजय व ननकुन सागौन पेड़ काटते हुए पकड़ा था। मौके पर चार कटे हुए पेड़ों को बरामद कर सभी को गिरफ्तार कर कोतवाली मुर्तिहा में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। थाने की पुलिस ने 25 दिसंबर 2014 को वनरक्षक की तहरीर के आधार पर वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद विवेचना रिपोर्ट कोर्ट में सौंपा।
मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय अनिल कुमार बारह की कोर्ट पर मुकदमे की सुनवाई हुई। न्यायाधीश ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद कहा कि सभी अभियुक्तों ने प्रतिबंधित वनक्षेत्र में घुसकर बिना अनुमति के वन्यजीवों के अंडो व उनके घोसले को तोड़ा, जिससे पक्षियों के वासस्थल का नुकसान होने के साथ बेशकीमती लकड़ी भी चोरी हुई। इस अपराध के लिए सभी को दोषसिद्ध किया जाता है। न्यायाधीश ने सभी पांचों आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थदंड से दंडित किया है।