बहराइच। विकास भवन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय की बैठक हुई। इसमें डीएम ने स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में जिले को प्रदेश में तीसरा स्थान मिलने पर डीएम ने मानक के अनुसार काम नहीं करने वाले एमओआईसी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी शंभु कुमार ने समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया कि मातृत्व एवं शिशु की सुरक्षा के दृष्टिगत संस्थागत प्रसवों की संख्या को बढ़ाया जाय। प्रसव स्थलों में इजाफा करने के साथ-साथ इन्हें अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कराये जाने का भी निर्देश दिया।
यह भी निर्देशित किया कि चिन्हित ऐसे प्रसव स्थल जहां पर स्टाफ, मरीजों एवं तीमारदारों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव हो, उनकी विस्तृत रिपोर्ट सीडीओ को उपलब्ध करा दें ताकि प्रसव केंद्रों पर आवश्यक प्रबंध किये जा सके।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए 5 जुलाई तक पखवाड़ा मनाया जा रहा है। वर्तमान समय में जनपद को प्रदेश में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है, प्रयास इस बात का किया जा रहा है कि प्रदेश में जनपद शीर्ष स्थान प्राप्त कर ले।
डीएम ने निर्देश दिया कि मानक से कम उपलब्धि अर्जित करने वाले एमओआईसी को नोटिस जारी करें। हेल्थ मैनेजमेन्ट इन्फारमेशन सिस्टम (एचएमआईएस) पर लोड डेटा की समीक्षा के दौरान सीएचसी महसी का डेटा सबसे कम लोड पाये जाने पर वहां के एमओआईसी को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।
मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम जेएसवाई की समीक्षा के दौरान पाया गया कि 13026 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 8945 का भुगतान किया गया जबकि 4081 लंबित हैं। निर्देश दिया कि अगली बैठक तक भुगतान के लिए 95 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त करें।
इसके अलावा बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण, क्षय एवं कुष्ठ नियंत्रण, अन्धता निवारण, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, आरोग्य केन्द्रों की क्रियाशीलता सहित अन्य स्वास्थ्य सूचकांकों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये गये।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान एमओआईसी को निर्देश दिया गया कि ग्रामसभावार लाभार्थियों की सूची तैयार कर कार्डों का वितरण करायें। बैठक का संचालन डीपीएम एनएचएम डॉ. आरबी यादव ने किया। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद चौहान, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुरेश सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीके सिंह व डा. मधु गैरोला आदि अधिकारी मौजूद रहे।