सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की पहली चौथी रविवार को है। इसके लिए शुक्रवार से जायरीन का रेला फिर उमड़ने लगा है। विभिन्न जनपदों के जायरीन जत्थों में चित्तौरा झील के तट पर पहुंच रहे हैं। वहां से गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए जायरीन दरगाह शरीफ में गाजी के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। पहली चौथी के लिए मेला प्रशासन भी व्यापक इंतजाम का दावा कर रहा है।
सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की पहली चौथी रविवार को है। इसके लिए दरगाह प्रबंध समिति व्यवस्था चौकस होने का दावा कर रहा है। जायरीन भी पहली चौथी में शामिल होने के लिए दस्तक देने लगे हैं। गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बस्ती, आजमगढ़, बिहार के सीवान, पटना, रांची, दिल्ली, राजस्थान, जयपुर से भी जायरीन का रेला बहराइच पहुंचने लगा है।
चित्तौरा झील के तट पर जायरीन डेरा डाले हुए हैं। यहां पर परंपरागत तरीके से स्नान व पूजा-अर्चना कर जायरीन हठीले होते हुए गाजी की दरगाह पर पहुंचकर हाजिरी लगा रहे हैं। गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए जायरीन निशान और चादर लेकर मजार शरीफ पर पहुंच रहे हैं। मेला परिसर में भीड़ फिर बढ़ने लगी है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि पहली चौथी के लिए बिजली व पानी की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गईं हैं। साफ-सफाई के लिए सफाईकर्मी चौबीस घंटे लगे हुए हैं।
उधर, दरगाह मेले में स्थानीय मेलार्थियों की भीड़ शुक्रवार को भी उमड़ती रही। मेला परिसर में स्थित चीनी मिट्टी, कांच के बर्तन, रेडीमेड कपड़े, लाठी आदि की खरीददारी जमकर हुई। महिला मेलार्थियों ने ढोल व चूड़ियां खरीदीं।