सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर जियारत के लिए आए महाराजगंज जिले के अकीदतमंद चित्तौरा झील के तट पर शुक्रवार को परंपरा का निर्वहन कर रहे थे। इसी दौरान झील में स्नान कर एक जायरीन कपड़ा सुखाने के लिए बस की छत पर चढ़ गया। तभी वह ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया और झुलसकर मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जबकि बस में करंट उतरने से महिला समेत दो जायरीन झुलस गए। दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर जेठ मेला चल रहा है। इस मेले में शामिल होने के लिए विभिन्न जनपदों के जायरीन बहराइच पहुंच रहे हैं। जायरीन का पहला पड़ाव चित्तौरा झील का तट होता है। उसी के तहत महाराजगंज जिलेे के अकीदतमंदों से भरी बस शुक्रवार को सुबह चित्तौरा झील के तट पर पहुंची। बस जहां पर खड़ी थी, वहां ऊपर से एचटी विद्युत लाइन गुजरी है।
दोपहर में अधिकांश जायरीन बस से उतरकर झील में स्नान कर परंपरा का निर्वहन कर रहे थे। इसी दौरान स्नान करने के बाद महाराजगंज के कोसौली कुल्ही बाजार निवासी रमेश प्रजापति (36) पुत्र जुग्गुन प्रजापति कपड़ा सुखाने के लिए बस की छत पर चढ़ गया। कपड़ा पसारकर नीचे उतरते समय उनका हाथ ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन से छू गया। जिससे बस के ऊपर ही रमेश जलने लगा। बस में भी करंट उतर आया।
उस समय बस के अंदर मौजूद नौतनवा निवासी चंद्रावती (50) पत्नी राममिलन व अजय (35) पुत्र दूधनाथ भी करंट की चपेट में आ गए। चीख पुकार सुनकर लोग दौड़े। जब तक रमेश को बांस की सहायता से अलग किया जाता, तब तक उसकी झुलसकर मौत हो गई। वहीं, बस के अंदर मौजूद चंद्रावती व अजय भी झुलस गए। घटना की सूचना पाकर कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक एके सिंह ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जबकि झुलसे दोनों जायरीन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।