महसी तहसील क्षेत्र के रमवापुर खुर्द गांव में सोमवार को दोपहर आग लगने से 25 मकान जल गए। घरों में मौजूद लोगों ने भागकर जान बचाई। डेढ़ लाख नकदी समेत मकानों में रखा सारा सामान राख हो गया। आग से 50 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सूचना पाकर नायब तहसीलदार और लेखपाल की टीम गांव पहुंची और मुआयना किया। अग्निपीड़ित 25 परिवारों के 250 लोग खुले आसमान तले गुजर-बसर करने को मजबूर हो गए हैं।
तराई में मौसम परिवर्तन के बीच आग की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। दोपहर करीब 12 बजे महसी तहसील के रमवापुर खुर्द गांव निवासी असगर अली के परिवार के लोग घर में मौजूद थे। इसी दौरान अचानक मकान के छप्पर में आग लग गई। परिवारीजनों ने पहले आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफल न होने पर सभी ने भागकर जान बचाई।
चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े। लेकिन इस दौरान चल रही पछुवा हवा से आग की लपटें तेज हो गईं। जिससे आग ने पड़ोसी हुसैनी, सम्मान अली, मुन्ना, करिया, राजकुमार, पवन, विनोद, रामू तिवारी, संजय, पप्पू, अल्लाप्रसाद, जीवनलाल, सोनू, रमेश, केशवराम, संतोष, द्वारपाल, पुत्तीलाल, गंगाराम, राकेश, तीरथ, हरीराम, गोपाल, जमील समेत 25 ग्रामीणों के मकानों को चपेट में ले लिया। आधा गांव धू-धूकर जल गया।
इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने अग्निशमन विभाग को सूचना दी। आधे घंटे बाद दमकल वाहन मौके पर पहुंचा और किसी तरह अग्निशमन कर्मियों ने ग्रामीणों की सहायता से आग पर काबू पाया। इस गांव में 50 मकान थे, जिनमें से 25 मकान आग के बाद खंडहर में तब्दील नजर आ रहे हैं। 50 लाख से अधिक की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आग से घरों में रखा अनाज, कपड़ा, बर्तन, जेवर आदि सारा सामान जल गया।
25 परिवारों के 250 से अधिक लोग खुले आसमान तले गुजर-बसर करने को मजबूर हो गए हैं। वहीं, आग की सूचना पाकर नायब तहसीलदार रामचेत विश्वकर्मा, लेखपाल अखिलेश मिश्र टीम के साथ गांव पहुंचे। दोनों राजस्व कर्मियों ने अग्निकांड का मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की है। नायब तहसीलदार का कहना है कि रिपोर्ट तहसील में सौंपी जाएगी। इसके बाद मुआवजे की कार्रवाई होगी।
आग में रमवापुर खुर्द निवासी असगर अली के घर में रखे 20 हजार रुपये जल गए। वहीं मुन्ना के 25 हजार, हुसैनी के 20 हजार, करिया के दो हजार, संतोष के 40 हजार व केशवराम के 20 हजार रुपये समेत अन्य ग्रामीणों की भी नकदी राख हो गई। लगभग डेढ़ लाख नकदी जली है।
रमवापुर खुर्द निवासी मुन्ना की बेटी राधा देवी का विवाह एक वर्ष पूर्व मैला सरैंया गांव निवासी विनोद कुमार के साथ हुआ था। विवाह के समय विदाई नहीं हुई थी। चैत्र नवरात्र के मौके पर राधा गौने में विदा होकर ससुराल जाती। इसके लिए मुन्ना ने सारा इंतजाम किया था। बेड, बिस्तर, जेवर व नकदी घर में रखी हुई थी। सब कुछ आग में जल गया। अब बेटी कैसे विदा होगी, इसको सोचकर पूरा परिवार परेशान है।