बहराइच/बिछिया। तराई के जिलों में बारिश ने जहां धान की खेती करने वाले किसानों के चेहरे खिला दिए हैं, वहीं सब्जी उगाने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है। दूसरे दिन भी झमाझम बारिश का सिलसिला जारी रहा, कई इलाकों में जलभराव, पेड़ों के गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं सामने आईं। गिरिजापुरी बैराज पर सोमवार को 28 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बारिश के चलते जन-जीवन प्रभावित रहा। सड़कों पर कीचड़, जगह-जगह जलभराव और ट्रैफिक जाम ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। भारी वर्षा के चलते सब्जी के किसान मुसीबत में आ गए हैं। खेतों में जलभराव से सब्जी की फसल पर संकट मंडरा रहा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गयी है।
खेतों में पानी भरने से भिंडी, टमाटर, बैगन और हरी मिर्च की फसलें बर्बादी के कगार पर हैं। कई किसानों ने बताया कि अगर जलनिकासी जल्द न हुई तो उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
भारी वर्षा से अस्तव्यस्त जनजीवन के बीच मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
बिछिया-आंबा मार्ग पर भारी पेड़ गिरा, यातायात बाधित
कतर्नियाघाट वन क्षेत्र अंतर्गत बिछिया-आंबा मार्ग पर सोमवार सुबह भारी वर्षा के बीच भारीभरकम सूखा पेड़ गिर गया, इससे दो घंटे तक आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। चार पहिया और बड़े वाहन पेड़ हटने तक रास्ते में ही फंसे रहे, जबकि मोटरसाइकिल और पैदल चलने वाले जंगल के किनारे होकर निकलते रहे। गनीमत रही कि हादसे में जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। पेड़ गिरने से एचटी लाइन भी टूट गई, इसकी सूचना ग्रामीणों ने तुरंत पॉवर हाउस प्रभारी जितेंद्र कुमार को दी। प्रभारी ने लाइनमैनों की टीम भेजकर आपूर्ति बहाल कराई। बताया जा रहा है कि बारिश से जमीन में नमी बढ़ने के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं। रविवार को भी इसी मार्ग पर एक हरा-भरा पेड़ गिरा था, जिससे दो घंटे तक रास्ता बंद रहा।
शहर में भी जलभराव से हाल बेहाल
शहर के नव्वागढ़ी, बशीरगंज, नई बस्ती, दरगाह इलाके में जलभराव की स्थिति रही। बारिश के चलते गड्ढों से भरी सड़कों पर वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। नगर निकायों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई है। लोग व्यवस्था को काेसते हुए आते जाते दिखे।