जरवल (बहराइच)। कस्बे के वैराकाजी मोहल्ला निवासी मसूद अहमद को मथुरा पुलिस ने हाथरस की दंगे की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसका पिता जरवल में एक दुकान कर लोगों के खराब तालों की चाभी बनाने का काम करता है। मगर बेटे ने कब आतंकी संगठन का साथ पकड़ लिया इससे पूरा इलाका अंजान है। उसके घर पर अब सन्नाटा पसरा है। क्षेत्र के लोग इस खुलासे को लेकर सकते में हैं।
जरवल के मोहल्ला वैराकाजी निवासी मसूद अहमद को पुलिस ने मथुरा में उसके तीन साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। जामिया विश्वविद्यालय दिल्ली में मॉस कम्यूनिकेशन की पढ़ाई कर रहे मसूद के पिता शकील अहमद जरवल के चौक मोहल्ले में खराब तालों को ठीक करने और चाभी बनाने का काम करते हैं। उनका कहना है कि बेटे मसूद ने एकलव्य महाविद्यालय झुकिया से स्नातक किया था। आगे की पढ़ाई के लिए वह दिल्ली चला गया। दिनभर की कमाई के पैसों से उसे उच्च शिक्षा दिलाने की मंशा थी, मगर कब वह आतंक की राह पर चल पड़ा? इसकी जानकारी किसी को भी नहीं हो सकी। परिवार में उसकी मां और एक छोटा भाई भी इसकी जानकारी होने के बाद रो-रोकर लोगों को ताने न देने की दुहाई दे रहे हैं।
मास कम्युनिकेशन का कोर्स करने गया था दिल्ली
बहराइच से स्नातक करने के बाद मसूद अहमद ने पत्रकारिता के क्षेत्र में भविष्य संवारने का मन बनाया था। इसी उद्देश्य के साथ वह दिल्ली के जामिया यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन का कोर्स करने गया था। यहां उसने पीएफआई के फ्रंटल छात्र संगठन का दामन थाम लिया।