बहराइच। लंबे इंतजार के बाद शनिवार से झमाझम बरसात की शुरुआत हुई। रविवार तड़के तेज बारिश शुरू हो गई। पानी इतना बरसा कि किसानों के चेहरे खिल गए। खेत में पानी भर जाने से किसानों ने खेतों में धान की रोपाई शुरू कर दी। वहीं बारिश के चलते शहर और ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें जलमग्न हो गईं। लोगों के घरों में पानी भरने लगा। बारिश के बीच ही बिजली कटौती भी शुरू हो गई। शहर क्षेत्र में चार से पांच घंटे की कटौती हुई तो ग्रामीण क्षेत्र में पूरे दिन बिजली गायब रही। इससे लोगों को समस्याएं हुईं।
मानसून की दस्तक के बाद भी जिले में बारिश नहीं हो रही थी। इसकी चिंता किसानों के चेहरे पर साफ दिख रही थी। गरीब व मध्यम वर्ग के किसान पंपिंग सेट से पानी भरवाकर धान की रोपाई करने में असमर्थ थे। सभी तेज बारिश का इंतजार कर रहे थे। हालांकि समय बीतने के साथ ही बारिश शुरू हो गई। शनिवार को तेज बारिश हुई। इससे जलभराव होने के साथ खेतों में नमी पहुंच गई। वहीं रविवार तड़के तीन बजे से ही बारिश शुरू हो गई। बारिश दोपहर एक बजे तक होती रही। झमाझम बरसात से किसानों के खेतों में पानी भर गया। जिससे खेत में तैयार नर्सरी की बोआई किसान खेतों में करवाने लगे।
रविवार को बारिश के बीच ही रिसिया, बाबागंज, हुजूरपुर, मिहींपुरवा, फखरपुर समेत अन्य क्षेत्र के किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी। मूसलाधार बारिश के चलते लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। शहर के मोहल्ला ब्राह्मणीपुरा, धनकुट्टीपुरा, जोशियापुरा, बड़ीहाट, घसियारीपुरा, चांदपुरा समेत अन्य मोहल्लों में काफी मात्रा में जलभराव हो गया। सड़क पर जलभराव होने से पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर गया। लोगों ने घर से पानी बाहर निकाला। तेज बारिश के चलते जगह-जगह पेड़ गिर गए। इससे आवागमन प्रभावित हुआ। बारिश के बीच ही बिजली कटौती शुरू हो गई। शहर क्षेत्र में चार से पांच घंटे बिजली कटौती की गई। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पूरे दिन बिजली गायब रही। विभागीय अधिकारी पानी भरने से कटौती किए जाने की बात कह रहे हैं।
खेतों में धान रोपाई का उपयुक्त समय
जिले में इस बार एक लाख 64 हजार 400 हेक्टेयर धान की रोपाई किसानों द्वारा की जाएगी। इंतजार के बाद आखिरकार बारिश शुरू हो गई है। दो दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। यह बारिश किसानों के मुफीद है। किसान खेतों में धान रोपाई करें। जिससे अच्छी पैदावार हो सके। बारिश और जुलाई माह का समय धान रोपाई का उपयुक्त समय है। -सतीश कुमार पांडेय जिला कृषि अधिकारी