बहराइच। फसल बीमा को लेकर पर्याप्त जागरूकता न होने के कारण किसानों को काफी परेशानी उठाना पड़ रही है। फसल का नुकसान हो जाने पर उन्हें इसकी भरपाई तक नहीं हो पा रही है। इसका अंदाजा इसी से दिखता है कि जिले में पंजीकृत 3.10 लाख किसानों में से अब तक सिर्फ 43,726 किसानों ने ही अपनी फसल का बीमा कराया है। इतना ही नहीं बीमा कराने वाले किसानों में से भी नुकसान होने पर मात्र 3,081 ने ही अब तक 39.85 लाख रुपये का दावा पेश किया है। इसमें सबसे कम पंजीकरण वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुआ।
बाढ़ प्रभावित जिला होने के कारण यहां सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को होता है। इस नुकसान की भरपाई का एक मात्र सहारा फसल बीमा योजना ही है। इसके बावजूद फसल बीमा योजना को लेकर अधिकांश किसान उदासीन बना है। इसके चलते ही जिले में पंजीकृत किसानों में से सिर्फ दस फीसदी किसान ही इस योजना का लाभ उठा पा रहे हैं। इनमें भी अधिकांश किसान वह हैं, जिन्होंने केसीसी बनवाई है। ऐसे किसानों का फसल बीमा बैंक के दबाव पर हुआ है।
फसल वार आंकड़ा देखे तो खरीफ फसल के लिए गैर ऋणी 48,136 किसानों ने फसल बीमा कराया है जबकि बैंक से केसीसी बनवाने वाले किसानों की संख्या 1,15,227 है। ऐसे में कुल 1,63,363 किसानों ने ही फसल बीमा कराया। इसमें से नुकसान के बाद 6,155 किसानों ने 78 लाख रुपये का क्लेम प्राप्त किया है। ऐसे ही रबी फसल के लिए गैर ऋणी 1027 व बैंक से केसीसी बनवाने वाले 133512 किसानों ने फसल बीमा कराया। इसमें से 1149 किसानों ने फसल का नुकसान होने पर 61 लाख 82 हजार रुपये का क्लेम प्राप्त किया है।
इस वर्ष किसानों ने लिया ज्यादा क्लेम
वित्तीय वर्ष 2021- 22 में खरीफ फसल के लिए गैर ऋणी किसानों में 11569 व ऋणी किसानों में 55479 लोगों ने फसल बीमा कराया था। इसमें से 28077 किसानों ने दो करोड़ 72 लाख 40 हजार रुपये का फसल नुकसान होने पर क्लेम लिया।
जागरूकता के चलाया जाएगा अभियान
किसानों को फसल बीमा के लिए प्रेरित किया जाता है, लेकिन किसान इसे गैर जरूरी मानते है। इस योजना का लाभ तब मिलता है जब किसानों की फसल को मौसम या फिर किसी अन्य प्रकार की आपदा के कारण नुकसान होता है। इसकी जागरूकता के लिए किसानों को फसल बीमा के फायदे बता कर योजना से जुड़ने के लिए गांव स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। -मुकेश चंद्र, सीडीओ