धरसवा (बहराइच)। फरियादियों को थानों के बीच चक्कर काटने से बचाने के लिए कई संशोधनों के साथ सरकार ने न्याय संहिता लागू की है। बावजूद इसके पुलिसकर्मियों की कार्यशैली में कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। ताजा मामला दरगाह थाना व कोतवाली देहात क्षेत्र का है। जहां बेटे की हादसे में मौत के बाद पीड़ित मां-बाप मुकदमा दर्ज करवाने के लिए थाने व कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं। वहीं कोतवाली देहात व दरगाह पुलिस एक दूसरे पर डालकर परिजनों को दौड़ा रही है।
दरगाह के इटौंजा निवासी रक्षाराम (9) पुत्र मंशाराम बीती 21 जुलाई को मेला देखने बेरिया गया था। वहां से लौटते समय कोतवाली देहात के सासरपारा-मुसगढ़ा मार्ग पर बाणीपुरवा के पास तेज रफ्तार टेंपो ने उसे टक्कर मार दी थी। 22 जुलाई को निजी चिकित्सक के यहां उसकी मौत हो गई थी। पिता मंशाराम का आरोप है कि उसने तत्काल कोतवाली देहात में सूचना थी, लेकिन वहां से दरगाह भेज दिया गया। जब दरगाह गए तो कोतवाली देहात भेजा गया। इसके चलते बेटे का पोस्टमार्टम नहीं हो सका और उन्होंने बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया।
एसपी व आईजीआरएस पर शिकायत
मृतक के पिता मंशाराम ने आरोप लगाते हुए बताया कि बेटे की मौत के बाद से वह लगातार कोतवाली देहात और दरगाह थाने के चक्कर काट रहा है। 10 से अधिक बार जाने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। इसके बाद कप्तान और मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की है। मां-बाप ने बिलखते हुए बताया कि न्याय संहिता लागू होने के बाद भी पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है।
जिस थाना क्षेत्र में हादसा हुआ है, वहां की पुलिस को केस दर्ज करना चाहिए। तत्काल इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। -वृंदा शुक्ला, एसपी