महसी(बहराइच)। हरदी थाना क्षेत्र के दो मासूमों का शिकार और चार लोगों को घायल कर चुके भेड़िए को पकड़ने में वन विभाग नाकाम साबित हो रहा है। वहीं भेड़िया थोड़े-थोड़े अंतराल पर हमला कर रहा है। इससे परेशान ग्रामीणों ने अब खुद ही भेड़िए की तलाश शुरू की है। ग्रामीण दिन भर हाथों में लाठी-डंडा लेकर खेतों व झाड़ियों में भेड़िये की तलाश कर रहे हैं। यही नहीं रातभर जाग कर ग्रामीण अपने घरों की पहरेदारी भी कर रहे हैं।
हरदी थाना क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने भेड़िए को पकड़ने के लिए वन विभाग की चार मंडलीय व चार रेंजों समेत आठ टीमें लगी हैं। साथ ही चार पिंजड़े, आठ ट्रैपिंग कैमरे व ड्रोन भी लगाया गए हैं। बावजूद इसके लगभग एक माह बीतने के बाद भी वन विभाग भेड़िये को पकड़ने में नाकाम साबित हुआ है। इसके बाद अब ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला है। सिकंदरपुर, मक्कापुरवा, बड़ेरिया, औराही, सधुवापुर, मुडहेरा आदि गांवों के ग्रामीण जहां रातभर जाग कर घर की पहरेदारी कर रहे हैं। वहीं दिन होते ही हाथों में लाठी-डंडे लेकर गन्ने के खेतों, झाड़ियों आदि में भेड़िये की तलाश कर रहे हैं। भेड़िये के डर से ग्रामीणों ने बच्चों के स्कूल जाने पर पाबंदी लगा दी है।
बताते चलें कि भेड़िया नकवा निवासी प्रतिभा (2) व मक्कापुरवा निवासी अख्तर रजा (डेढ़ वर्ष) का शिकार कर चुका है। वहीं सुखरामपुरवा निवासी सोनू (8), नथुवापुर निवासी फकीरे (70) व फकीरे की बहू संपत (20) आदि को घायल कर चुका है।
लगभग 37 घरों पर दस्तक दे चुका है भेड़िया
ग्रामीणों की माने तो क्षेत्र के सिकंदरपुर, बड़ेरिया, औराही सधुवापुर, मुडहेरा, लोधपुरवा आदि गांवों में रहने वाले 37 से अधिक लोगों के घरों पर भेड़िया दस्तक दे चुका है। लेकिन ग्रामीणों के जागने व उजाला होने से भाग गया। मुडहेरा गांव निवासी देशराज यादव ने बताया कि रविवार रात वह घर के अंदर बैठे थे, इस दौरान घर के बाहर से भेड़िया गुजरा। इससे पूरा परिवार सहम गया। यही नहीं सोमवार को भी नकवा गांव में भेड़िया दिखा। ग्रामीणों ने जब उसका पीछा किया तो गन्ने के खेत में भाग गया।
जल्द पकड़ा जाएगा भेड़िया
भेड़िया को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। मंडल के साथ-साथ क्षेत्रीय टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। गन्ने की फसल का रकबा अधिक होने से भेड़िये को पकड़ने में दिक्कत हो रही है। जल्द उसे पकड़ लिया जाएगा। - मोहम्मद शाकिब, वन क्षेत्राधिकारी