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आलू की गिरती कीमत से बढ़ी किसानों की चिंता

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बहराइच। बीते साल ऊंचे दाम में बिकने वाले सब्जियों के राजा कहे जाने वाले आलू की हालत इन दिनों काफी खराब चल रही है। अधिक मुनाफा के लिए आलू की खेती करने वाले किसानों को अच्छे भाव में बिकने की उम्मीद थी, लेकिन लगातार गिरते आलू के भाव के किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बाजारों में आलू अधिक होने के कारण व्यापारी भी नहीं पूछ रहे हैं। अच्छी कीमत पर बेचने की उम्मीद संजोये किसानों को अब अपनी उपज के ही पैसे निकालने में पसीना छूट रहा है।
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बेहतर मौसम के चलते इस बार जिले में आलू की पैदावार अच्छी हुई है। खेतों में आलू की अच्छी उपज को देखकर किसान काफी खुशी महसूस कर रहे थे कि इस बार उन्हें अच्छा मुनाफा हाथ लगेगा और मेहनत रंग लाएगी, लेकिन बाजारों में गिरते आलू के भाव अब किसानों के माथे की चिंता की लकीर हो गई है। पिछले साल आलू के बढ़ते भाव को देखते हुए किसानों ने इस बार 1850 हेक्टेयर में खेती की है। 22 हजार छह सौ मीट्रिक टन आलू की पैदावार होने की उम्मीद है। जिले में छह कोल्ड स्टोरेज है। जिनकी क्षमता 25464 मीट्रिक टन है। कोल्ड स्टोरेज में 3722 मीट्रिक टन भंडारण हो चुका है।
बोले किसान, नहीं निकल पा रही लगाई गई रकम
फखरपुर ब्लॉक निवासी किसान सतपाल मौर्या व दिनेश वर्मा ने कहा कि इस बार आलू के गिरते दामों ने बहुत नुकसान कर दिया है। खेतों में लगाई गई रकम भी निकाल पाना बड़ा मुश्किल लग रहा है। किसान छोटे लाल व सुमंत सिंह ने कहा कि पिछली बार आलू के भाव अच्छे थे। इस बार भी सोचा गया था कि आलू का भाव अच्छा मिलेगा तो लॉकडाउन में हुए नुकसान की थोड़ी बह़ुत भरपाई हो जाएगी, लेकिन इस बार हालात और भी खराब दिख रहे हैं।
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बिक रहे भाव पर एक नजर
आलू थोक रेट - 750-800 रूपये कुंतल
फुटकर रेट - 10 से 12 रूपये किलो
दिक्कत होने पर करें काल
इस बार मौसम अच्छा होने से आलू की पैदावार बहुत ही अच्छी हुई है। आलू भंडारण को लेकर सभी कोल्ड स्टोरेज को निर्देश दे दिए गए है। कोल्ड स्टोरेज में आलू जमा भी होने शुरू हो गए है। अगर किसी किसान को कोई दिक्कत हो तो वह तत्काल संपर्क कर सकता है या फोन पर भी अपनी समस्या बता सकता है। -आरके वर्मा, उद्यान सलाहकार
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