श्रावस्ती। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में कई विभागों को सी तो कई तो डी ग्रेड मिला। इसकी समीक्षा बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने की और संबंधित विभागाध्यक्षों को कड़ी फटकार लगाई। जबकि बैठक से अनुपस्थित रहने पर अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग का वेतन रोकने का निर्देश दिया है।
कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की समीक्षा की। इसमें पता चला कि कृषि विभाग द्वारा निर्धारित 56 के सापेक्ष जिले में एक भी सोलर फोटो वोल्डेइक इटीगेशन पंप नहीं लगा सका है। जबकि पशुपालन विभाग कामधेनु डेयरी योजना में मिले दो के सापेक्ष मात्र एक डेयरी ही स्थापित करा पाया है।
वहीं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में भी डीएम को लापरवाही मिली। इसके लिए डीएम ने विभागाध्यक्षों को कड़ी फटकार लगाई।
वहीं नवीन मंडी स्थापना, कौशल विकास मिशन, समाजवादी पेंशन, सीसी रोड, केसी ड्रेन, आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कार्य में तेजी लाने तथा 14 अगस्त तक सोनवा गांव का विद्युतीकरण हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया।
डीएम ने जल निगम, श्रम विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की। बैठक में अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अनुपस्थित रहने पर उनका वेतन रोकने के लिए शासकीय पत्र लिखने की बात कही।
इस मौके पर सीडीओ एनपी सिंह, बीएसए महेंश प्रताप सिंह, उप निदेशक कृषि सय्यद बदरे आलम, सीवीओ सरवर आलम सहित कई अन्य विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।