बहराइच। एक तरफ तो सरकार महाकुंभ जाने वाले लोगों को सुविधा मुहैया कराने पर जोर दे रही है वहीं दूसरी तरफ अफसरों की मनमानी से बसों का किराया अधिक वसूला जा रहा है। आए दिन कंडक्टर और बस यात्रियों में 15 रुपये अधिक किराया लिए जाने को लेकर बहस भी होती है। यात्रियों को सिविल लाइंस का 423 रुपया टिकट लेकर कुंभमेला स्थल बेला कछार पर ही उतारा जा रहा है, जबकि बेला कछार का टिकट सिर्फ 408 रुपया ही बनता है।
कुंभ शुरू हुए सप्ताह भर बीत चुका है, लेकिन अफसरों की लापरवाही की वजह से अभी भी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गई हैं। कुंभ मेला जाने वाले यात्रियों से बहराइच डिपो प्रशासन 15 रुपये ज्यादा की वसूली कर रहा है। किराये को लेकर कंडक्टरों को अक्सर यात्रियों से बिना वजह बहस करनी पड़ती है। लेकिन, अफसरों के आदेश की वजह से उन्हें मजबूरन ऐसा करना पड़ता है।
14 जनवरी को गई थीं 40-50 बसें
एआरएम ज्ञानचंद का कहना है कि कुंभ मेला के लिए 70 बसों का आवंटन है। हर दिन जो चार बसों का औसत रहता था, वह कुंभ मेला में दोगुना हो गया है। इस वक्त रोजना 8-10 बसें जा रही हैं। सवारियों की संख्या के आधार पर बसें भेजी जाती हैं। 14 जनवरी को 40-50 बसें भेजी गई थीं। वहीं कुछ सूत्रों का कहना है कि मेला क्षेत्र से मुख्यालय में शिकायत की गई थी कि यहां पर बहराइच डिपो की बसें नहीं पहुंच रहीं, जिसके बाद यहां से कई बसों को कुंभ मेला तक खाली ही दौड़ाया गया।
कुछ ग्रुपों में सिविल लाइंस तक का टिकट काटे जाने का विरोध जताया गया है। यहां से 423 रुपये का ही टिकट काटा जा रहा है। जल्द ही सबसे कहा जाएगा कि यात्रियों को बेलापछार तक का ही 408 रुपये का टिकट दिया जाए। -ज्ञानचंद , एआरएम, बहराइच