शिवपुर (बहराइच)। खैरीघाट थाना क्षेत्र के मटेरा कला गांव निवासी बालिका पिंकी को सोमवार को मौत के घाट उतारने से पहले भी कुत्तों ने कई ग्रामीणों पर हमला किया था। यही नहीं, एक विवाहिता को बालिका की तरह ही खींच कर मारने का प्रयास भी किया था। गांव निवासी विवाहिता ने बताया कि वह सहेलियों के साथ लौट रही थीं। इस दौरान एक कुत्ते ने पैर पर हमला किया। जब तक वह कुछ समझ पातीं तीन-चार अन्य कुत्ते आ गए और उन्हें गिरा दिया, उन्हें नोचने लगे।
विवाहिता ने बताया कि उनके साथ उनकी सहेलियां मौजूद थीं, जिन्होंने शोर मचाते हुए कुत्तों को भगाया, इससे उनकी जान बच पाई। विवाहिता ने बताया कि हमले से पैर में घाव हो गया है।
धरपकड़ के लिए पशुपालन व राजस्व की टीम गठित
तहसीलदार नानपारा अंबिका चौधरी ने बताया कि बालिका पिंकी को मौत के घाट उतारने वाले कुत्तों को चिह्नित कर उन्हें पकड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि पशुपालन व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई है। ग्रामीणों ने हमलावर कुत्तों का चिह्नांकन किया है। जल्द ही सभी को पकड़ लिया जएगा।
दो माह में 2,408 बने शिकार
जिले में कुत्तों व बंदरों के हमलावर होने की घटनाओं में अचानक तेजी आ गई है। जनवरी व फरवरी माह में कुत्तों व बंदरों के हमलों में घायल 2,408 लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाए गए। फरवरी में 509 नए लोग कुतों व बंदरों के हमलों का शिकार बने हैं। जबकि जनवरी में 1,899 लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन के डोज लगे हैं।