बहराइच। मेडिकल कॉलेज में करोड़ों रुपये खर्च करके एंडोस्कोपी और लेप्रोस्कोपी की मशीनें लगवाकर उसका उद्घाटन करवाया गया। हालांकि इसका संचालन अब तक कॉटरी मशीन के अभाव और प्रशिक्षित डॉक्टरों की कमी से शुरू नहीं हो पाया।
मशीनें होने के बावजूद मरीजों को अभी भी जांच और छोटे ऑपरेशन के लिए लखनऊ व अन्य बड़े शहरों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। दरअसल, कॉटरी मशीन एक इलेक्ट्रिक सर्जिकल डिवाइस है, जिसका इस्तेमाल ऑपरेशन के दौरान होता है। इसके न होने पर एंडोस्कोपी या लेप्रोस्कोपी प्रक्रिया पूरी नहीं होती है।
वहीं, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय खत्री ने बताया कि कॉटरी मशीन अब आ गई है। डॉक्टरों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। इस माह के अंत तक एंडोस्कोपी और लेप्रोस्कोपी यूनिट शुरू करवा दी जाएगी।