केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान आवास भत्ता व अन्य लंबित समस्याओं की मांग को लेकर राज्य कर्मचारी सोमवार से हड़ताल पर चले गए। कार्यालयों में तालाबंदी रही, जिससे कामकाज ठप हो गया। दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा।
रजिस्ट्री और कोषागार कार्यालय में काम ठप होने से 40 लाख से अधिक के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। चिकित्साकर्मियों के हड़ताल में शामिल रहने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। कर्मचारियों ने शहर के मुख्य मार्गों पर जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट के धरना स्थल पर नारेबाजी कर सभा की।
बुधवार सुबह राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले विकास विभाग, कलेक्ट्रेट, सिंचाई, शिक्षा, नलकूप, चकबंदी, सेवायोजन, कोषागार, तहसील, राजस्व समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारी विकास भवन में इकट्ठा हुए। सभी ने नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। जुलूस कलेक्ट्रेट होता हुआ शहर के मुख्य मार्गों से गुजरा।
जुलूस की अगुवाई संयुक्त परिषद के संरक्षक आरसी चौधरी, जिलाध्यक्ष इंजीनियर चंद्रप्रताप व संघर्ष समिति के चेयरमैन आरके वर्मा कर रहे थे। संरक्षक आरसी चौधरी ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की उपेक्षा कर रही है। जिसका नतीजा हड़ताल के रूप में सामने आया है।