फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दम घुटने से हुई थी हाथी की मौत

विज्ञापन
बहराइच : कतर्नियाघाट की कौड़ियाला बीट में हाथी के पोस्टमार्टम के दौरान दांत की जांच करते डीएफओ व ? - फोटो : BAHRAICH
विज्ञापन
बहराइच। कतर्नियाघाट रेंज की कौड़ियाला बीट में बेंत के जंगल में नर हाथी की मौत झाड़ियों में फंसने और बाघों के हमले से दम घुटने से हुई थी। तीन चिकित्सकों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। हाथी के दांत सुरक्षित रखकर शव जंगल में दफन करा दिया गया है। वन विभाग के मुताबिक मृत हाथी का मांस सड़ने के चलते बाघ दोबारा घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। ऐसे में थर्मो सेंसर कैमरे में बाघों की तस्वीर कैद नहीं हुई है।
विज्ञापन

कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत कौड़ियाला बीट संख्या एक घना जंगल के साथ बेंत से घिरा है। छह फरवरी को गश्त के दौरान वनकर्मियों को नर हाथी मृत मिला था। उच्चाधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। इसमें प्रथमदृष्टया बाघों के हमले में हाथी की मौत की जानकारी मिली थी। तीन डॉक्टरों के पैनल ने सोमवार को हाथी का पोस्टमॉर्टम किया था।
डीएफओ यशवंत सिंह ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दम घुटने से हाथी की मौत होने का पता चला है। साथ ही बाघों ने हमला कर शव खाया है। डीएफओ ने बताया कि मृत हाथी के दोनों दांत निकलवाकर सुरक्षित रखवाए गए हैं। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद जंगल में ही जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर हाथी को दफन करा दिया गया।
विज्ञापन

कतर्नियाघाट रेंज में जहां हाथी की मौत हुई है। वहां बेंत का घना जंगल है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बेंत के जंगल में हाथी फंस गया होगा। जिसके बाद बाघों ने एकसाथ हमला कर दिया। चारों तरफ से घिरने और बेंत के जंगल में फंसने से हाथी का दम घुट गया।
डीएफओ ने बताया कि अध्ययन के लिए जंगल के उस स्थान पर 10 थर्मो सेंसर कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही वनकर्मियों की ड्यूटी दो शिफ्ट में चल रही है। मगर बाघ शिकार के लिए दोबारा नहीं आए। ऐसे में आशंका जतायी जा रही है कि हाथी का मांस सड़ने के चलते बाघ पुन: शिकार करने नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें