उर्रा (बहराइच)। मिहींपुरवा विकास खंड के अमृतपुर पुरैना गांव में प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण कराया गया था। पांच मार्च को अचानक गांव में लगा विद्युत पोल टूटकर गिर गया, जिससे पूरे गांव की बिजली ठप हो गई। ग्रामीणों ने विद्युत पोल गिरने की सूचना बिजली कर्मियों को दी, लेकिन अभी तक विद्युत पोल बदला नहीं गया है। इससे नाराज लोगों ने शुक्रवार को ग्राम प्रधान की अगुवाई में प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने एक्सईएन व जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा। बिजली सप्लाई चालू न होने से गांव की तीन हजार आबादी 10 दिनों से अंधेरे में रहने को विवश हैं।
मिहींपुरवा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अमृतपुर पुरैना जंगल से सटी हुई है। गांव में जंगली जीवों के हमले का हमेशा भय बना रहता है। इसको लेकर ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर गांव का विद्युतीकरण कराने की मांग की। एक वर्ष पूर्व गांव में प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण कराया गया। अमृतपुर पुरैना गांव में पांच मार्च को इंद्रदेव के मकान के निकट लगा विद्युत पोल अचानक ढह गया।
तार व पोल जमीन पर आ गिरे। इस दौरान रास्ते से निकल रहे लोग बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों ने विद्युत पोल गिरने की सूचना अवर अभियंता के साथ क्षेत्रीय कर्मचारियों को दी, लेकिन 10 दिन बाद भी विद्युत पोल नहीं बदला गया है। ऐसे में गांव की तीन हजार आबादी अंधेरे में रहने को विवश है। इससे नाराज लोगों ने ग्राम प्रधान अजय कुमार मौर्य की अगुवाई में जगदंबा प्रसाद, अवधकिशोर, बाल किशुन, बहोरीलाल, रामसूरत आदि ने प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने एक्सईएन को पत्र भेजा।
प्रार्थना पत्र मिले बदला जाएगा विद्युत पोल
अमृतपुर पुरैना गांव में विद्युत पोल टूटे होने की जानकारी अब मिली है। लेकिन बारिश और आंधी के कारण क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। प्रार्थना पत्र मिलने पर दो से तीन दिन में विद्युत पोल बदलवा दिया जाएगा।, जिससे बिजली सुचारू हो सकेगी।
- कृष्णकुमार, एक्सईएन नानपारा परिक्षेत्र