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निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मियों ने किया प्रदर्शन

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बहराइच के अस्पताल चौराहा स्थित बिजली कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी। - फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने गुरुवार को नानपारा के अधीक्षण अभियंता व नगर के अधिशासी अभियंता के कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर पूंजीपतियों के दबाव में कार्य करने का आरोप लगाते हुये ऊर्जा क्षेत्र को निजीकरण किये जाने के फैसले को वापस को लेने की मांग की। धरने के दौरान चेतावनी दी कि अगर सरकार अपने फैसले का वापस नहीं लेती है, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
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विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष इंजीनियर हर्षराज रस्तोगी की अगुवाई में अधिकारी व कर्मचारी अस्पताल चौराहा स्थित अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर एकत्रित हुये। यहां कर्मियों ने केंद्र सरकार द्वारा ऊर्जा क्षेत्र को निजीकरण किये जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने को संबोधित करते हुये समिति के अध्यक्ष इंजीनियर रस्तोगी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बीच केंद्र व कुछ राज्य की सरकारें ऊर्जा क्षेत्र को पूंजीपतियों के हाथ निजीकरण करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि इसी के विरोध में संघर्ष समिति पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन कर निजीकरण के उद्देश्य से लाये गए बिल को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। जूनियर इंजीनियर संघ के नीरज पटेल ने ने कहा कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जायेगा। एसडीओ अजय कुशवाहा ने कहा कि सरकार द्वारा ऊर्जा क्षेत्र को निजीकरण करने के फैसले से सबसे ज्यादा उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचेगा। बिजली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार गोस्वामी ने कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह से पूंजीपतियों के हाथों का खिलौना बन चुकी है। इस मौके पर इंजीनियर नीरज पटेल, इंजीनियर चंदन प्रजापति, कर्मचारी संघ के मंडल अध्यक्ष नफीस अहमद ने भी सरकार से निर्णय वापस लेने की आवाज उठाई।
नानपारा स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पर भी संघर्ष समिति की अगुवाई में धरना प्रदर्शन हुआ। धरने की अध्यक्षता एक्सईएन कृष्ण कुमार ने की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि निजीकरण न ही उपभोक्ता हित के लिए है और कर्मचारियों के हित में। निजीकरण के बाद सरकार का कर्मचारियों के प्रति कोई दायित्व नही रहेगा। धरने के बाद सभी ने प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी लिमटेड का गठन, निजीकरण व फ्रेंचाइजी की समस्त प्रक्रिया निरस्त करने, ग्रेटर नोएडा का निजीकरण व आगरा का फ्रेंचाइजी करार र्दद करने, सभी विद्युतकर्मियों को पुरानी पेंशन बहाल करने, सभी संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग की। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता एयस रघुवंशी, एक्सईएन बहराइच मुकेश बाबू, एक्सईएन कैंसरगंज नंदलाल, एसडीओ योगेंद्र यादव, अजय आदि मौजूद रहे।
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