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ठंड से बचें बुजुर्ग, बीपी के मरीज भी बरतें सावधानी

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बहराइच। तराई में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। ऐसे में 50 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग और बीपी के मरीजों को काफी सावधानी बरतनी होगी। ऐसे लोग सुबह और शाम ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें। साथ ही संतुलित आहार लें, जिससे शरीर में गर्मी बनी रहे। अगर व्यक्ति किसी दूसरी बीमारी से पहले से ही ग्रसित है तो उसे ठंड में अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही चिकित्सकों से नियमित जांच कराकर व परामर्श लेते रहें।
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बहराइच जिला तराई क्षेत्र में आता है। तराई में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। न्यूनतम पारा आठ से 10 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच रहा है। ऐसे में बढ़ रही ठंड में बुजुर्गों को अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मलय श्रीवास्तव ने बताया कि ठंड के मौसम में शरीर के ज्यादातर अंग सिकुड़ जाते हैं, जिससे लोगों को परेशानी होती है। अधिक ठंड में धमनियों के निरंतर गति न करने पर हार्ट अटैक की भी संभावना बनी रहती है। रक्त का संचार शरीर में बराबर होना चाहिए। डॉ. मलय ने बताया कि 50 वर्ष से ऊपर के लोगों को ठंड में विशेष ध्यान रखना चाहिए। साथ ही बीपी के मरीज ठंड से बचाव करें। डॉ. मलय ने बताया कि बीपी के मरीज व बुजुर्ग नियमित रूप से जांच कराते रहें। उन्होंने कहा कि ठंड में बुजुर्ग व बीपी के मरीज जरूरत पर ही घरों से बाहर निकलें। साथ ही सभी गर्म कपड़ों से शरीर को ढक कर रखें, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना न करना पड़े।
ज्यादा देर न रोकें मल-मूत्र
डॉ. मलय श्रीवास्तव ने बताया कि ठंड के मौसम में लोगों को ज्यादा देर तक मल और मूत्र नहीं रोकना चाहिए। इसका शरीर पर गलत प्रभाव पड़ता है। बाथरूम और नित्यक्रिया लगते ही सभी लोग तुरंत जाएं।
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हृदय रोग विशेषज्ञ के सुझाव
-बीपी के मरीज व 50 साल से ऊपर के लोग नियमित जांच कराएं।
- ज्यादा से ज्यादा गर्म पानी व भोजन का प्रयोग करें।
- नियमित व संतुलित आहार लें।
- मौसमी फलों का प्रयोग करें।
लखनऊ रेफर किए जाते हैं गंभीर मरीज
हृदय रोग से संबंधित गंभीर रोगी इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं। लेकिन यहां पर टीएमटी, इको, होल्टर जांच की सुविधाएं नहीं हैं, जिससे मेडिकल कॉलेज आने वाले मरीजों को असुविधा होती है। ऐसे में हृदय संबंधी गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को लखनऊ रेफर करना पड़ता है।
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