बहराइच। जिले में 11432 कोरोना योद्धाओं को सबसे पहले कोरोना का टीका लगाया जाएगा। इसके लिए शासन ने वैक्सीन सुरक्षित रखने के लिए तीन आईएलआर फ्रीजर भेज दिए हैं। साथ ही शासन के निर्देश पर ईएफआई समिति का गठन किया गया है, जिसकी अगुवाई मुख्य चिकित्साधिकारी करेंगे। टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभाव पड़ने पर टीम के सदस्य इसकी जांच करेंगे।
जिला मुख्यालय स्थित स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज के महिला व पुरुष अस्पताल, जिले के प्राइवेट अस्पताल, आयुर्वेदिक व यूनानी अस्पताल के 11432 कर्मचारियों को सबसे पहले कोरोना के टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर से कार्रवाई तेज कर दी गई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. वीपी वर्मा ने बताया कि वैक्सीन सुरक्षित रखने के लिए शासन ने तीन अतिरिक्त आईएलआर फ्रीजर (आइसलैंड रेफ्रिजरेटर) भेज दिए हैं, जिन्हें सीएमओ कार्यालय के सामने स्थापित करा दिया गया है। इसके अलावा टीकाकरण के बाद पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के लिए शासन ने समिति गठन करने के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि ईएफआई (टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभाव) समिति का गठन किया गया है। यह समिति किसी भी कर्मचारी को टीका लगने के बाद उस पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की जांच करेगी। कोरोना टीकाकरण इंजेक्शन लगाकर सीरम संबंधित क्षेत्र की एएनएम द्वारा भेजा जाएगा। इसके बाद प्रभाव की जानकारी कमेटी के सामने रखी जाएगी। इससे पता चलेगा कि वैक्सीन का प्रभाव है या साधारण बीमारी से मौत हुई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि एक से दो प्रतिशत मौत साधारण बीमारी से भी होती हैं। इसको ध्यान में रखकर समिति की गठन किया गया है।
समिति में नौ सदस्य शामिल
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि ईएफआई समिति में नौ लोग सदस्य हैं, जिसकी अगुवाई मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव करेंगे। इसके अलावा, चिकित्सक, पैथालॉजिस्ट, संबंधित ब्लॉक के अधीक्षक समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं।